फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Private company that cheated lakhs by pretending to get loan absconds

Una News: लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाली निजी कंपनी फरार

Thu, 05 Sep 2024 03:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 05 Sep 2024 03:19 AM IST
विज्ञापन
Private company that cheated lakhs by pretending to get loan absconds
नंगल(ऊना)। नंगल में एक निजी कंपनी द्वारा तीन-चार दिनों में ही दर्जनों लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। नंगल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है।
विज्ञापन

मिली जानकारी के अनुसार उक्त कंपनी ने नंगल में एक दुकान किराये पर ली और शहर में मुनयादी करवा दी कि जो भी होम लोन, निजी लोन व शिक्षा के लिए 10 लाख तक का लोन लेना चाहता है वह कंपनी कार्यालय पंहुचे। कंपनी के कर्मचारी हर लोन लेने वाले से 2700 रुपए फाइल खर्च के नाम पर और तीन-तीन खाली चेक भी जमा करवाने लगे। जिन लोगों से खाली चेक लिए गए उन लोगों के चेक बैंक में लगा दिए और रुपये निकलवा कर बैंक खाते खाली कर दिए, लेकिन ऐसे लोग भी बहुत थे, जिनके बैंक खातों में पैसे नहीं थे और उनसे पैसों की मांग की जाने लगी। पीड़ित चरनपाल ने कहा कि उसे 6 लाख 82 हजार का लोन देने की बात हुई अैर उससे सबसे पहले 2700 रुपये, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल व तीन खाली चेक मांगे गए। उसके बाद 9 हजार 900 रुपये मांगे गए, तो वह भी कंपनी को दे दिए। इसके बाद फिर 60 हजार रुपये और कंपनी के खाते में डालने को कहा, तो वह भी कंपनी के खाते में डाल दिए, लेकिन उसके बाद जो खाली चेक दिए थे, वह बैंक में लगा उसके खाते से 60 हजार रुपये और निकलवा लिए गए।
विज्ञापन

ऐसे लोगों में ही दलवीर, बख्तावर सिंह व अनीता सहित दर्जनों लोग हैं, जो कंपनी की ठगी का शिकार हुए हैं। इस मामले पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष गुरदीप सिंह से कहा कि उन्हें तो पहले ही अशंका हो गई थी कि यह लोग फ्रॉड हैं और कुछ लोगों के तो उसने पैसे भी वापस करवाए थे। उधर, दुकान के मालिक संजीव कुमार ने कहा कि अभी उससे किराये का कोई लेन-देन नहीं हुआ था। फिलहाल किराये का एग्रीमेंट बनाने के लिए उसने आधार कार्ड ही दिया था, जो पुलिस को दे दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, कंपनी के संचालक हरप्रीत सिंह से फोन पर बात की तो उन्होंने साफ तौर लोगों द्वारा लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि लोगों से उसने मात्र फाइल खर्च के तौर पर 2700 रुपये ही वसूल किए हैं।

इस मामले में डीएसपी नंगल कुलवीर सिंह ने कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है और कंपनी की एक गाड़ी व आधार कार्ड भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिसकी जांच की जा रही है कि आधार कार्ड असली है या नहीं। कहा कि अगर जांच में उक्त व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ और उसे दुकान देने वाले के खिलाफ कड़ी कारवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed