{"_id":"6981e5de0b3b3775c9050707","slug":"prisoners-in-bangarh-jail-will-now-be-able-to-talk-to-their-families-only-twice-a-week-una-news-c-93-1-una1002-180285-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बनगढ़ जेल में कैदी अब हफ्ते में दो बार ही कर सकेंगे परिजनों से बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बनगढ़ जेल में कैदी अब हफ्ते में दो बार ही कर सकेंगे परिजनों से बात
विज्ञापन
एक्सक्लूसिव
बनगढ़ जेल में कैदियों की फोन पर बातचीत की समयसारिणी में बदलाव
कैदियों में आपसी झड़प के बाद जेल प्रबंधन ने लिया फैसला
पहले हफ्ते में तीन बार कैदियों का करवाया जाता था संपर्क
ऊना जिला की बनगढ़ जेल में कैदियों की परिजनों से बातचीत का शेड्यूल बदला
जसवीर ठाकुर
ऊना। बनगढ़ जेल में कैदियों की परिजनों से बातचीत करने का समय बदल दिया गया है। अब कैदी हफ्ते में तीन बार के बजाय केवल दो बार अपने परिजनों से बात कर सकेंगे। यह बदलाव जेल परिसर में हाल ही में हुई आपसी झड़प के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र किया गया है। जानकारी के अनुसार दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश के कारण 3 जनवरी 2026 को खाना खाने के दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटना हुई थी। घटना के बाद दो कैदियों को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया, जबकि अमरीश राणा को जमानत मिल चुकी है। वहीं, दूसरा कैदी विपन अभी भी जेल में सजा काट रहा है।
बनगढ़ जेल में वर्तमान में 188 कैदी विभिन्न अपराधों में सजा काट रहे हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेल में 40 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं, जो सभी गतिविधियों को कवर करते हैं। कैदियों की सेहत पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेल परिसर में एक डिस्पेंसरी स्थापित है, जहां एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स नियमित स्वास्थ्य जांच करते हैं। सुधारात्मक गतिविधियों के तहत कैदियों को रोजाना योग और प्राणायाम के साथ-साथ स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। जेल में एक मास्टर ट्रेनर और एक प्रशिक्षित कैदी अन्य कैदियों को इन गतिविधियों में मार्गदर्शन करते हैं। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने बताया कि यह कदम कैदियों और उनके परिवारों के बीच बातचीत के समय को सीमित करने के लिए उठाया गया है। वहीं डीसी ऊना जतिन लाल ने कहा कि जेल में माहौल को शांतिप्रिय बनाने और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव आवश्यक था।
विज्ञापन
बनगढ़ जेल में कैदियों की फोन पर बातचीत की समयसारिणी में बदलाव
कैदियों में आपसी झड़प के बाद जेल प्रबंधन ने लिया फैसला
पहले हफ्ते में तीन बार कैदियों का करवाया जाता था संपर्क
ऊना जिला की बनगढ़ जेल में कैदियों की परिजनों से बातचीत का शेड्यूल बदला
जसवीर ठाकुर
ऊना। बनगढ़ जेल में कैदियों की परिजनों से बातचीत करने का समय बदल दिया गया है। अब कैदी हफ्ते में तीन बार के बजाय केवल दो बार अपने परिजनों से बात कर सकेंगे। यह बदलाव जेल परिसर में हाल ही में हुई आपसी झड़प के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र किया गया है। जानकारी के अनुसार दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश के कारण 3 जनवरी 2026 को खाना खाने के दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटना हुई थी। घटना के बाद दो कैदियों को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया, जबकि अमरीश राणा को जमानत मिल चुकी है। वहीं, दूसरा कैदी विपन अभी भी जेल में सजा काट रहा है।
बनगढ़ जेल में वर्तमान में 188 कैदी विभिन्न अपराधों में सजा काट रहे हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेल में 40 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं, जो सभी गतिविधियों को कवर करते हैं। कैदियों की सेहत पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेल परिसर में एक डिस्पेंसरी स्थापित है, जहां एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स नियमित स्वास्थ्य जांच करते हैं। सुधारात्मक गतिविधियों के तहत कैदियों को रोजाना योग और प्राणायाम के साथ-साथ स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। जेल में एक मास्टर ट्रेनर और एक प्रशिक्षित कैदी अन्य कैदियों को इन गतिविधियों में मार्गदर्शन करते हैं। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने बताया कि यह कदम कैदियों और उनके परिवारों के बीच बातचीत के समय को सीमित करने के लिए उठाया गया है। वहीं डीसी ऊना जतिन लाल ने कहा कि जेल में माहौल को शांतिप्रिय बनाने और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव आवश्यक था।
विज्ञापन