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गबन मामले में दियोली सभा का प्रधान और एक सदस्य निष्कासित
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President of Dioli Sabha and one member expelled in embezzlement case
गगरेट (ऊना)। सहकारिता विभाग ऊना के अतिरिक्त पंजीयक अधिकारी रत्न बेदी ने दियोली सहकारी सभा के प्रधान और एक सदस्य को पद से निष्कासित कर दिया है। इसके लिए विभाग ने कार्यवाही शुरू कर दी है।
दियोली सहकारी सभा के बहुचर्चित 13.20 करोड़ गबन के मामले में वर्ष 2014 से 2019 तक की कमेटी को गबन का दोषी पाया गया था। उस कमेटी में वर्तमान प्रधान और वर्तमान कमेटी का एक सदस्य भी शामिल थे। गबन का दोषी पाए गए दोनों सदस्य डिफाल्टर श्रेणी में आ गए। सहकारी सभाएं नियामवली के अनुसार यह लोग सहकारी सभा के किसी भी पद पर नहीं रह सकते। इसके चलते पहले एआर ऊना ने प्रधान से वित्तीय शक्तियां छीन ली थी। अब प्रधान और सदस्य को उनके पद से निष्कासित कर दिया है।
दियोली सहकारी सभा में 13.20 करोड़ के गबन को लेकर पिछले दो साल से लगातार खाताधारक अमानत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सहकारी सभा पंजीयक की अदालत ने एक कमेटी को इस गबन का दोषी मानते हुए सभा के सदस्यों की प्रॉपर्टी अटैच करके सभा के सदस्यों को अमानत देने के निर्देश जारी किए हैं। सभा के सदस्य इस फैसले के खिलाफ शिमला रजिस्ट्रार के पास अपील कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सभा में एफडीआर के पैसे को लेकर गबन हुआ है। खाताधारकों को रसीद तो दे दी गई लेकिन पैसा सभा के खाते में जमा नहीं करवाया गया। मौजूदा प्रधान ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी से मना कर दिया।
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दो विभाग कर रहे जांच
इस मामले की जांच सहकारिता विभाग और पुलिस विभाग अलग-अलग तरीके से कर रहे हैं। पुलिस की जांच अभी चल रही है। इस मामले में सभा का सचिव और उस कमेटी का प्रधान को गिरफ्तार भी किया गया था। जबकि सभा के चौकीदार ने इस मामले में अग्रिम जमानत ली थी जोकि अब भी जांच के दायरे में है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
डिफाल्टर किसी पद नहीं रह सकते : रत्न बेदी
गबन करने वाली कमेटी में मौजूदा प्रधान और एक सदस्य भी शामिल था। इसीलिए वे डिफाल्टर होने की सूरत में सभा के किसी पद पर नहीं रह सकते, उन्हें पद से निष्कासित किया गया है।
-रत्न बेदी, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं ऊना
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दियोली सहकारी सभा के बहुचर्चित 13.20 करोड़ गबन के मामले में वर्ष 2014 से 2019 तक की कमेटी को गबन का दोषी पाया गया था। उस कमेटी में वर्तमान प्रधान और वर्तमान कमेटी का एक सदस्य भी शामिल थे। गबन का दोषी पाए गए दोनों सदस्य डिफाल्टर श्रेणी में आ गए। सहकारी सभाएं नियामवली के अनुसार यह लोग सहकारी सभा के किसी भी पद पर नहीं रह सकते। इसके चलते पहले एआर ऊना ने प्रधान से वित्तीय शक्तियां छीन ली थी। अब प्रधान और सदस्य को उनके पद से निष्कासित कर दिया है।
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दियोली सहकारी सभा में 13.20 करोड़ के गबन को लेकर पिछले दो साल से लगातार खाताधारक अमानत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सहकारी सभा पंजीयक की अदालत ने एक कमेटी को इस गबन का दोषी मानते हुए सभा के सदस्यों की प्रॉपर्टी अटैच करके सभा के सदस्यों को अमानत देने के निर्देश जारी किए हैं। सभा के सदस्य इस फैसले के खिलाफ शिमला रजिस्ट्रार के पास अपील कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि सभा में एफडीआर के पैसे को लेकर गबन हुआ है। खाताधारकों को रसीद तो दे दी गई लेकिन पैसा सभा के खाते में जमा नहीं करवाया गया। मौजूदा प्रधान ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी से मना कर दिया।
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दो विभाग कर रहे जांच
इस मामले की जांच सहकारिता विभाग और पुलिस विभाग अलग-अलग तरीके से कर रहे हैं। पुलिस की जांच अभी चल रही है। इस मामले में सभा का सचिव और उस कमेटी का प्रधान को गिरफ्तार भी किया गया था। जबकि सभा के चौकीदार ने इस मामले में अग्रिम जमानत ली थी जोकि अब भी जांच के दायरे में है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
डिफाल्टर किसी पद नहीं रह सकते : रत्न बेदी
गबन करने वाली कमेटी में मौजूदा प्रधान और एक सदस्य भी शामिल था। इसीलिए वे डिफाल्टर होने की सूरत में सभा के किसी पद पर नहीं रह सकते, उन्हें पद से निष्कासित किया गया है।
-रत्न बेदी, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं ऊना