{"_id":"61100b728ebc3e737d32a193","slug":"prepared-list-of-schools-that-secretly-call-student-una-news-sml379747296","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई स्कूलों में गुपचुप बुलाए जा रहे नौनिहाल, सूची तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई स्कूलों में गुपचुप बुलाए जा रहे नौनिहाल, सूची तैयार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना। जिला के कई निजी स्कूल प्रबंधन भी गुपचुप तरीके प्राइमरी के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगा रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग और उपायुक्त के पास लोगों और अभिभावकों की शिकायतें भी आ रही हैं। शिक्षा विभाग ने शिकायतों के आधार पर इन स्कूलों की सूची भी बना ली है। अब शिक्षा विभाग की निगरानी टीम इन स्कूलों का औचक निरीक्षण करेगी।
उपायुक्त की ओर से गठित की गई तीन सदस्य निगरानी कमेटी ने एक निजी स्कूल में नौनिहालों को बुलाने का मामला पकड़ा था। स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगर स्कूल प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शिक्षा विभाग स्कूल की मान्यता तक रद्द सकता है। इस संबंध में प्रदेश सरकार और निदेशालय द्वारा भी कोरोना महामारी के लिए जारी की गई एसओपी और विद्यार्थियों की जान खतरे में डालने को लेकर सख्त कार्रवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि जिला ऊना में इस समय 502 प्राथमिक स्कूल, 84 माध्यमिक स्कूल, 46 उच्च स्कूल और 137 सीसे स्कूल हैं। इसके साथ करीब 96 निजी स्कूल हैं जिनके लिए सरकार द्वारा स्कूल खोलने और सरकार द्वारा जारी एसओपी एक सामान है। कार्यकारी उच्च, प्रारंभिक और निरीक्षण विंग शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि जिला में अन्य स्कूलों में भी नौनिहालों को बुलाने की शिकायतें आ रही हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में उन स्कूलों की सूची बना ली गई है। अगर अन्य स्कूलों में ऐसी लापरवाही बरती गई तो उन स्कूलों पर सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्कूल प्रबंधनों को कोई भी राहत नहीं दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधनों की होगी।
विज्ञापन
उपायुक्त की ओर से गठित की गई तीन सदस्य निगरानी कमेटी ने एक निजी स्कूल में नौनिहालों को बुलाने का मामला पकड़ा था। स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगर स्कूल प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शिक्षा विभाग स्कूल की मान्यता तक रद्द सकता है। इस संबंध में प्रदेश सरकार और निदेशालय द्वारा भी कोरोना महामारी के लिए जारी की गई एसओपी और विद्यार्थियों की जान खतरे में डालने को लेकर सख्त कार्रवाई कर सकता है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिला ऊना में इस समय 502 प्राथमिक स्कूल, 84 माध्यमिक स्कूल, 46 उच्च स्कूल और 137 सीसे स्कूल हैं। इसके साथ करीब 96 निजी स्कूल हैं जिनके लिए सरकार द्वारा स्कूल खोलने और सरकार द्वारा जारी एसओपी एक सामान है। कार्यकारी उच्च, प्रारंभिक और निरीक्षण विंग शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि जिला में अन्य स्कूलों में भी नौनिहालों को बुलाने की शिकायतें आ रही हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में उन स्कूलों की सूची बना ली गई है। अगर अन्य स्कूलों में ऐसी लापरवाही बरती गई तो उन स्कूलों पर सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्कूल प्रबंधनों को कोई भी राहत नहीं दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधनों की होगी।