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जिला में 20 रुपये तक गिरे आलू के भाव
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ऊना। सब्जियों का राजा कहे जाने वाला आलू के दाम गिर गए हैं। नवंबर महीने में सब्जी की दुकानों पर 25 से 30 रुपये प्रतिकिलो तक मिलने वाले आलू के दाम दिसंबर आते-आते आधे से भी कम रह गए हैं। अब दुकानों में आलू 10 रुपये प्रति किलो की कीमत में मिल रहा है।
इससे गृहिणियों ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि नवंबर में हिमाचल के किसान आलू की कच्ची फसल मंडियों में लेकर पहुंचे थे। राज्य में आलू की कम पैदावार होने से मंडियों में भी आलू भी कम मात्रा में पहुंचा। इस वजह से नवंबर में नया आलू आने के बाद भी इसकी कीमतें 25 से 30 रुपये तक बनी रही। इसके बाद नवंबर के अंत और दिसंबर के शुरूआत में पंजाब के किसान भी अपनी आलू की फसल लेकर मंडियों में पहुंच गए।
इससे मंडियों में आलू की आमद बढ़ गई, जिसका सीधा असर आलू की दामों पर पड़ा है। गांव पंडोगा के सब्जी विक्रेता सतीश कुमार ने बताया कि दिसंबर महीने में अधिकतर सब्जियों के दाम गिरे हैं, लेकिन इनमें सबसे अधिक गिरावट आलू की कीमत में आई है। हालांकि जिला में आलू की अच्छी खासी खेती होती है, लेकिन फिर भी नवंबर महीने में इसके दाम 25 रुपये से नीचे नहीं आए। अब पंजाब का आलू मंडियों में आने लगा है और इससे कीमतें भी गिरी है।
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नवंबर महीने की शुरूआत में आलू की कच्ची फसल मंडियों में पहुंचने लगती है। इसमें से ऊना जिला का आलू सबसे पहले मंडियों में पहुंचता है।
वहीं पंजाब का आलू 20 नवंबर के बाद मंडियों में आता है। पंजाब का आलू आने से अच्छी खासी मात्रा में आलू मंडियों में पहुंच जाता है और दाम गिरने लगते हैं। जिला कृषि उत्पाद विपणन समिति के सचिव भूपिंदर सिंह ने बताया कि ऊना के किसान नवंबर की शुरूआत में ही आलू निकालकर बेचने लगते हैं, इससे उन्हें अच्छी कीमत मिल जाती है। इस समय उत्तर प्रदेश और पंजाब का आलू मंडियों में पहुंच रहा है, और इस वजह से कीमतें गिरी हैं।
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इससे गृहिणियों ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि नवंबर में हिमाचल के किसान आलू की कच्ची फसल मंडियों में लेकर पहुंचे थे। राज्य में आलू की कम पैदावार होने से मंडियों में भी आलू भी कम मात्रा में पहुंचा। इस वजह से नवंबर में नया आलू आने के बाद भी इसकी कीमतें 25 से 30 रुपये तक बनी रही। इसके बाद नवंबर के अंत और दिसंबर के शुरूआत में पंजाब के किसान भी अपनी आलू की फसल लेकर मंडियों में पहुंच गए।
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इससे मंडियों में आलू की आमद बढ़ गई, जिसका सीधा असर आलू की दामों पर पड़ा है। गांव पंडोगा के सब्जी विक्रेता सतीश कुमार ने बताया कि दिसंबर महीने में अधिकतर सब्जियों के दाम गिरे हैं, लेकिन इनमें सबसे अधिक गिरावट आलू की कीमत में आई है। हालांकि जिला में आलू की अच्छी खासी खेती होती है, लेकिन फिर भी नवंबर महीने में इसके दाम 25 रुपये से नीचे नहीं आए। अब पंजाब का आलू मंडियों में आने लगा है और इससे कीमतें भी गिरी है।
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नवंबर महीने की शुरूआत में आलू की कच्ची फसल मंडियों में पहुंचने लगती है। इसमें से ऊना जिला का आलू सबसे पहले मंडियों में पहुंचता है।
वहीं पंजाब का आलू 20 नवंबर के बाद मंडियों में आता है। पंजाब का आलू आने से अच्छी खासी मात्रा में आलू मंडियों में पहुंच जाता है और दाम गिरने लगते हैं। जिला कृषि उत्पाद विपणन समिति के सचिव भूपिंदर सिंह ने बताया कि ऊना के किसान नवंबर की शुरूआत में ही आलू निकालकर बेचने लगते हैं, इससे उन्हें अच्छी कीमत मिल जाती है। इस समय उत्तर प्रदेश और पंजाब का आलू मंडियों में पहुंच रहा है, और इस वजह से कीमतें गिरी हैं।