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Una News: बादल छाए पर बारिश न होने से आलू उत्पादक निराश
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जिले में आलू की फसल के लिए बारिश के इंतजार में किसान
मैदानी और सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में तैयार हो रही हैं फसलें
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में वीरवार सुबह बादल छाए तो किसानों के चेहरों पर खुशी झलक उठी, लेकिन बारिश न होने से उनकी उम्मीदें टूट गईं। इस समय फसलों के लिए बारिश बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल तेज धूप लोगों और फसलों दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दोपहर के समय तीखी धूप झेलनी पड़ रही है, जिसका सबसे अधिक असर फसलों पर पड़ रहा है। किसानों को खासकर आलू जैसी संवेदनशील फसल को बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों रविंद्र कुमार, अभिषेक ठाकुर, रणवीर सिंह, अर्शदीप सैनी, रोहित कुमार और प्रेम चंद ने बताया कि सामान्यतः दशहरे के आसपास मौसम ठंडा होना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार गर्मी का प्रकोप जारी है। आलू की फसल ठंडे मौसम में अच्छी तरह तैयार होती है, परंतु इस बार हालात उलटे हैं। पहले अधिक बारिश ने परेशान किया और अब तेज धूप से राहत नहीं मिल रही।
किसानों ने बताया कि कई जगहों पर 300 कनाल से अधिक भूमि पर आलू की फसल खड़ी है। इन खेतों की सिंचाई के लिए तीन-चार लोगों को दिनभर जुटना पड़ता है। स्वां नदी के आसपास स्थित खेतों में विद्युत आपूर्ति न होने से डीजल इंजनों के सहारे ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। बिना बारिश के हर रोज हजारों रुपये का डीजल खर्च हो रहा है, ऊपर से मजदूरी अलग से देनी पड़ रही है। हालांकि, किसानों को उम्मीद है कि मेहनत का फल इस बार अच्छा मिलेगा और आलू की फसल को उचित दाम प्राप्त होंगे। इस बारे में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि फसलों के लिहाज से मौसम की विपरीत स्थिति लगातार बनी हुई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आलू की फसल को जरूरत अनुसार सिंचित करते रहें। यदि किसी तरह की समस्या आती है तो किसान विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
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मैदानी और सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में तैयार हो रही हैं फसलें
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में वीरवार सुबह बादल छाए तो किसानों के चेहरों पर खुशी झलक उठी, लेकिन बारिश न होने से उनकी उम्मीदें टूट गईं। इस समय फसलों के लिए बारिश बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल तेज धूप लोगों और फसलों दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दोपहर के समय तीखी धूप झेलनी पड़ रही है, जिसका सबसे अधिक असर फसलों पर पड़ रहा है। किसानों को खासकर आलू जैसी संवेदनशील फसल को बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों रविंद्र कुमार, अभिषेक ठाकुर, रणवीर सिंह, अर्शदीप सैनी, रोहित कुमार और प्रेम चंद ने बताया कि सामान्यतः दशहरे के आसपास मौसम ठंडा होना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार गर्मी का प्रकोप जारी है। आलू की फसल ठंडे मौसम में अच्छी तरह तैयार होती है, परंतु इस बार हालात उलटे हैं। पहले अधिक बारिश ने परेशान किया और अब तेज धूप से राहत नहीं मिल रही।
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किसानों ने बताया कि कई जगहों पर 300 कनाल से अधिक भूमि पर आलू की फसल खड़ी है। इन खेतों की सिंचाई के लिए तीन-चार लोगों को दिनभर जुटना पड़ता है। स्वां नदी के आसपास स्थित खेतों में विद्युत आपूर्ति न होने से डीजल इंजनों के सहारे ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। बिना बारिश के हर रोज हजारों रुपये का डीजल खर्च हो रहा है, ऊपर से मजदूरी अलग से देनी पड़ रही है। हालांकि, किसानों को उम्मीद है कि मेहनत का फल इस बार अच्छा मिलेगा और आलू की फसल को उचित दाम प्राप्त होंगे। इस बारे में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि फसलों के लिहाज से मौसम की विपरीत स्थिति लगातार बनी हुई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आलू की फसल को जरूरत अनुसार सिंचित करते रहें। यदि किसी तरह की समस्या आती है तो किसान विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
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