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Una News: पंचायत क्षेत्र में खुले में बिखरा पॉलिथीन युक्त कचरा
Fri, 07 Jun 2024 01:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 07 Jun 2024 01:30 AM IST
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गंदगी बन सकती है बीमारियों का कारण, पंचायत प्रतिनिधियों का उदासीन रवैया स्वच्छ भारत मिशन पर भारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। जहां प्रशासन के दिशानिर्देश अनुसार आए दिन स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता अभियानों को लेकर विभिन्न दिवस मनाए जाते हैं। वहीं, शिक्षण संस्थानों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर भी ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वच्छता पखवाड़े के आयोजन किए जाते हैं, लेकिन गगरेट विकास खंड के अंतर्गत अगर विभिन्न ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता की धरातल पर नब्ज़ टटोली जाए, तो स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता बिंदुओं को लेकर हालत संतोषजनक नहीं है।
दौलतपुर से मुबारिकपुर सड़क पर चलेट के पास पुल के साथ बिखरे कचरे पर पशुधन मुंह मारते सरेआम देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़कों, लिंक मार्ग, सार्वजनिक तालाबों के आसापास के साथ-साथ जल स्रोतों तथा विभागीय संस्थानों, बधमाना के हरे-भरे जंगल में कचरे का ढेर, खुले में बिखरा प्लास्टिक कूड़ा-कर्कट, प्लास्टिक बोतलों, कांच की बोतलों के बिखरे कचरे के ढ़ेर देखे जा सकते हैं। यह गंदगी बीमारियों का कारण बन सकती है। हैरानी की इस बात है कि प्रशासन की तरफ से भी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को सफल बनाने को लेकर धरातल पर कोई गंभीरता नजर आ रही है, जिससे खुले में बिखरे कूड़े कचरे के ढेर निरंतर बढ़ रहे हैं। इस बारे में पर्यावरण प्रेमियों सुखविंदर, महेश, गोकुल, नानक, आशीष ने जिला प्रशासन से विकास खंड स्तर पर खुले में कचरे को फेंकने के लिए नियम सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है।
फोटो -दौलतपुर से मुबारिकपुर सड़क पर चलेट के पास पुलके साथ बिखरा कचरे मुंह मारता पशुधन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। जहां प्रशासन के दिशानिर्देश अनुसार आए दिन स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता अभियानों को लेकर विभिन्न दिवस मनाए जाते हैं। वहीं, शिक्षण संस्थानों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर भी ग्राम सभाओं के माध्यम से स्वच्छता पखवाड़े के आयोजन किए जाते हैं, लेकिन गगरेट विकास खंड के अंतर्गत अगर विभिन्न ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता की धरातल पर नब्ज़ टटोली जाए, तो स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता बिंदुओं को लेकर हालत संतोषजनक नहीं है।
दौलतपुर से मुबारिकपुर सड़क पर चलेट के पास पुल के साथ बिखरे कचरे पर पशुधन मुंह मारते सरेआम देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़कों, लिंक मार्ग, सार्वजनिक तालाबों के आसापास के साथ-साथ जल स्रोतों तथा विभागीय संस्थानों, बधमाना के हरे-भरे जंगल में कचरे का ढेर, खुले में बिखरा प्लास्टिक कूड़ा-कर्कट, प्लास्टिक बोतलों, कांच की बोतलों के बिखरे कचरे के ढ़ेर देखे जा सकते हैं। यह गंदगी बीमारियों का कारण बन सकती है। हैरानी की इस बात है कि प्रशासन की तरफ से भी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को सफल बनाने को लेकर धरातल पर कोई गंभीरता नजर आ रही है, जिससे खुले में बिखरे कूड़े कचरे के ढेर निरंतर बढ़ रहे हैं। इस बारे में पर्यावरण प्रेमियों सुखविंदर, महेश, गोकुल, नानक, आशीष ने जिला प्रशासन से विकास खंड स्तर पर खुले में कचरे को फेंकने के लिए नियम सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है।
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फोटो -दौलतपुर से मुबारिकपुर सड़क पर चलेट के पास पुलके साथ बिखरा कचरे मुंह मारता पशुधन