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कमजोर वर्गों के हाथ से छीनी जा रही कलम : बलबीर

Wed, 23 Apr 2025 05:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Apr 2025 05:41 PM IST
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Pen is being snatched from the hands of weaker sections: Balbir
संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति के अध्यक्ष ईं. बलवीर चौधरी और हरोली मंडल के अध्यक्ष जसपाल ने साझा बयान में कहा कि कमजोर वर्गों के हाथ से कलम छीनने के लिए प्रदेश में राइट टू एजूकेशन एक्ट 2010 और 93वां संविधान संशोधन लागू नहीं किया जा रहा है। शिक्षा का अधिकार एक्ट, 2010 की नियम संख्या 20 कहती है कि सरकारी स्कूलों में केवल और केवल नियमित शिक्षक तैनात होने चाहिए। समाज के कमजोर वर्गों के हाथ से कलम छीनने के लिए इस एक्ट के विपरीत प्रदेश सरकार ने 2012 से लेकर 2017 तक 2555 एसएमसी अस्थायी शिक्षक तैनात कर दिए। यही नहीं पिछले पांच साल से 3840 में से एक भी नियमित नर्सरी शिक्षक उपलब्ध नहीं करवाया ताकि निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाया जा सके। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कमिशन पास करना जरूरी है। जबकि, निजी स्कूलों के शिक्षकों को कमिशन पास करना जरूरी नहीं है। सरकारी स्कूलों में नियमित नर्सरी शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। यही नहीं विशेष वर्ग से कलम छीनने के लिए प्रदेश सरकार ने 103वां संविधान संशोधन लागू कर दिया लेकिन 93वां संविधान संशोधन लागू नहीं किया जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। 93वां संविधान संशोधन लागू नहीं होने से सरकारी काॅलेजों तथा विश्वविद्यालयों में ओबीसी वर्ग को भागीदारी नहीं मिल रही। जबकि सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत तथा दलित वर्ग को 15 फीसदी भागीदारी मिल रही है।
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