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Una News: चार करोड़ से संवरेगा पीपलू का ऐतिहासिक नरसिंह नारायण मंदिर
Sat, 25 Jul 2026 12:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:50 AM IST
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विकास की बात
शक्तिपीठ श्री नैनादेवी की तर्ज पर होगा विकास, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस कमरे और लंगर भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐतिहासिक नरसिंह नारायण मंदिर पीपलू का अब चार करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग की देखरेख में मंदिर परिसर में प्रस्तावित कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
परियोजना के तहत मंदिर परिसर के पुराने और जर्जर भवनों को हटाकर नए निर्माण किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां 10 आधुनिक कमरों, लंगर हॉल और अलग लंगर भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में स्ट्रीट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। परियोजना को करीब एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विधायक विवेक शर्मा ने बताया कि नरसिंह नारायण मंदिर को शक्तिपीठ श्री नैनादेवी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। उद्देश्य यह है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा सकें।
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सोलह सिंगी धार की मनोरम पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं से जुड़े इस मंदिर में प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोग नई फसल तैयार होने और पशुओं के प्रसूता होने के बाद मंदिर में घी चढ़ाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
विधायक ने कहा कि अगले वर्ष पीपलू मेले को राज्य स्तरीय स्वरूप में तीन दिवसीय आयोजित करने की योजना है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और कुटलैहड़ क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में होने वाली सुबह और शाम की आरती का लाइव प्रसारण शुरू करने की भी योजना है।
चार करोड़ रुपये की यह परियोजना पूरी होने के बाद नरसिंह नारायण मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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शक्तिपीठ श्री नैनादेवी की तर्ज पर होगा विकास, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस कमरे और लंगर भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐतिहासिक नरसिंह नारायण मंदिर पीपलू का अब चार करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग की देखरेख में मंदिर परिसर में प्रस्तावित कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
परियोजना के तहत मंदिर परिसर के पुराने और जर्जर भवनों को हटाकर नए निर्माण किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां 10 आधुनिक कमरों, लंगर हॉल और अलग लंगर भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा परिसर में स्ट्रीट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को रात के समय भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। परियोजना को करीब एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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विधायक विवेक शर्मा ने बताया कि नरसिंह नारायण मंदिर को शक्तिपीठ श्री नैनादेवी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। उद्देश्य यह है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा सकें।
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सोलह सिंगी धार की मनोरम पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं से जुड़े इस मंदिर में प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोग नई फसल तैयार होने और पशुओं के प्रसूता होने के बाद मंदिर में घी चढ़ाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
विधायक ने कहा कि अगले वर्ष पीपलू मेले को राज्य स्तरीय स्वरूप में तीन दिवसीय आयोजित करने की योजना है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और कुटलैहड़ क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में होने वाली सुबह और शाम की आरती का लाइव प्रसारण शुरू करने की भी योजना है।
चार करोड़ रुपये की यह परियोजना पूरी होने के बाद नरसिंह नारायण मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।