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Una News: शिशु रोग विशेषज्ञों ने 10 दिन के अथक प्रयास से बचाई नवजात की जान

Sun, 30 Jun 2024 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sun, 30 Jun 2024 07:01 AM IST
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Pediatrician tried hard for 10 days to save the newborn baby
क्षेत्रीय अस्पताल में पीजीआई से रिटर्न नवजात का किया सकुशल उपचार
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नवजात सांस और किडनी रोग से था ग्रस्त, पैदा होने के बाद नहीं निकली थी रोने की आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने पीजीआई से रिटर्न नवजात का उपचार करके शनिवार को सकुशल डिस्चार्ज कर दिया है। तकरीबन 10 दिनों तक विशेषज्ञों की टीम ने अपनी निगरानी में नवजात का उपचार करके उसे ठीक किया है। इससे विशेषज्ञों की टीम के अथक प्रयासों के बाद मेहनत रंग लाई है।
जब चिकित्सकों से नवजात के सकुशल होने की बात सुनी तो परिजनों की चेहरे पर रौनक देखते ही बन रही थी। विशेषज्ञों की टीम के अनुसार डाॅक्टर विकास, डाॅक्टर अमित, डाॅक्टर रवि, डाॅक्टर आसना शर्मा के अलावा स्टाफ पैरा मेडिकल स्टाफ के सयुंक्त प्रयासों से ऊना जिला के लखविंदर निवासी अप्पर अरनियाला के नवजात को नया जीवनदान मिला है। चिकित्सकों के अनुसार नवजात के पैदा होने के बाद रोने की कोई आवाज नहीं आई और सांस की दिक्कत होने के साथ किडनी में भी दिक्कत थी। नवजात के माता-पिता ने नंगल अस्पताल में दिखाया। इसके पश्चात नवजात को ऊना में ही प्राइवेट अस्पताल में भी दिखाया। जहां से नवजात को पीजीआई के लिए रेफ़र कर दिया गया। पीजीआई अस्पताल में नवजात को चेक करने के बाद ज्यादा हालत खराब होने पर घर भेज दिया गया। इसके बाद नवजात के माता-पिता बच्चे को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दिखाने के लिए लाए। यहां पर बाल रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा बच्चे का उपचार किया गया। यहां से बच्चा सकुशल घर जा रहा है।
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वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार वर्मा ने बच्चे का उपचार करने के बाद सकुशल घर भेजने के लिए बाल रोग विशेषज्ञों की टीम के इस नेक कार्य के लिए सराहना की है। उन्होंने बताया कि 18 जून को नंगल के अस्पताल में डिलिवरी हुई थी। उसके बाद परिजनों ने नवजात को यहां-वहां चैक करवाने के बाद 19 जून को अस्पताल पहुंचे। जहां पर शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने राउंड दी क्लॉक नवजात को अपनी निगरानी में रखकर सकुशल शनिवार को छुट्टी दे दी।
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