फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   parshuram jayanti

शास्त्र और शस्त्र में पारंगत थे भगवान परशुराम

Fri, 24 Apr 2020 09:00 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 09:00 PM IST
विज्ञापन
parshuram jayanti
मैहतपुर (ऊना)। भगवान परशुराम की जयंती पर शनिवार को कहीं कोई कार्यक्रम नहीं हो पाएगा। कोरोना महामारी के चलते देश भर लॉकडाउन के कारण प्रदेश ब्राह्मण सभा ने लोगों को अपने घरों में ही भगवान परशुराम जयंती मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी बनाते हुए पूजा पाठ एवं हवन यज्ञ करके परशुराम जयंती को मनाएं।
विज्ञापन

ब्राह्मण सभा के मुख्य सलाहकार पंडित शिवकिशोर वासुदेव तथा प्रदेश महामंत्री पंडित एसआर अवस्थी ने कहा कि वैश्विक महामारी के प्रकोप से बचाने के लिए सभी को मिलजुल का भगवान परशुराम से प्रार्थना करनी चाहिए। परशुराम का अर्थ फरसा धारण किए हुए श्रीराम से है, अर्थात विष्णु अवतार परशुराम को परम पितृभक्त माना गया है। पिता ऋषि जगदग्री एवं माता रेणुका के पांच पुत्रों रुक्मान, सुखेण, वसु, विश्वानस तथा सबसे छोटे पुत्र हुए परश्ुाराम। ब्राह्मण होते हुए भी उन्हें क्षत्रियों की तरह एक वीर योद्धा के रूप में जाना जाता है।
विज्ञापन

भगवान परशुराम भारत की ऋषि परंपरा के महान वाहक हैं, उनका शस्त्र और शास्त्र दोनों पर ही समान अधिकार था। पंडित शिव किशोर वासुदेव ने कहा कि गंगा पुत्र भीष्म, आचार्य द्रोण तथा कुंती पुत्र कर्ण भी जैसे महायोद्धा उनके शिष्य थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

भगवान परशुराम का मानना था कि अन्याय करना और सहना दोनों ही पाप हैं। इसलिए उनका फरसा सदैव अन्याय के खिलाफ उठा है। जब उन्हें यह ज्ञात हो गया कि धरती पर भगवान श्रीहरि ने सातवां अवतार श्रीराम के रूप में ले लिया है, तब उन्होंने अपने क्रोध की ज्वाला को शांत करने और तपस्या के उद्देश्य से महेंद्रगिरि पर्वत का रुख किया। ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम आज भी महेंद्रगिरि पर्वत पर चिरकाल से तपस्यारत हैं। आओ हम मिलकर उन्हें उनकी जयंती पर स्मरण करें और विश्व शांति का उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed