फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Panjawar village bids last farewell to its brave son with tearful eyes

Una News: पंजावर गांव ने नम आंखों से दी जांबाज बेटे को अंतिम विदाई

Mon, 01 Jul 2024 03:58 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 01 Jul 2024 03:58 AM IST
विज्ञापन
Panjawar village bids last farewell to its brave son with tearful eyes
पंजावर में सेना के जवान को श्रद्धांजली देते हुए सेना के अ​धिकारी।संवाद
ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंजावर गांव ने शनिवार को अपना एक जांबाज सैनिक, बेटा और भाई भरत सिंह खो दिया। स्वां नदी में डूबने से भरत की जान चली गई और रविवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इकलौते बेटे की मौत के बात सदमे में बैठे माता-पिता की हालत देखी नहीं जा रही थी।
विज्ञापन

रविवार सुबह जब भरत सिंह का शव उनके पैतृक गांव पंजावर में उनके निवास पर पहुंचा तो चीखो पुकार मच गई। भरत की मां सावित्री देवी का रो-रो कर बुरा हाल था। वहीं, इकलौता भाई चले जाने से चारों बहनें भी सुध-बुध खो बैठीं। आसपास मौजूद सगे संबंधियों ने परिवार का हौसला बढ़ाया। बेटे के जाने से पिता किशन चंद कुछ बोलने की हालत में नहीं दिखे। उन्होंने गम के पहाड़ को सीने में पसीजकर अंतिम संस्कार तक मौन साधे रखा। वहीं, सेना के अधिकारी भी भरत के घर पहुंचे। सेना की गाड़ी में ही भरत के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाया गया। जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उसे अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन

जिला कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पंजावर गांव के निवासी रणजीत राणा ने कहा कि यह हमारे गांव और पूरे प्रदेश सहित देश के लिए एक बड़ा नुकसान है। एक साहसिक बेटा इस दुनिया से चला गया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा प्रदेश पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि भरत सिंह एक बहादुर जवान थे। महज 25 साल की उम्र में दुखद हादसे में भरत की मौत होना एक बड़ी क्षति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिता ने गांव में सब्जी बेच बेटे को बनाया सैनिक
भरत सिंह के पिता किशन चंद ने गांव में साइकिल पर घूमकर सब्जी बेची और कड़ी मेहनत से चार बेटियों और बेटे को पढ़ाया। तीन बेटियों की शादी हुई और एक की कुछ दिन में होने वाली है। उसी की तैयारी में पूरा परिवार जुटा हुआ था कि यह दुखद घटना हो गई। अभी परिवार को अपने बेटे के सेना में जाने के बाद कुछ आर्थिक सहारा हुआ था, लेकिन अब वह भी छिन गया।

हरोली ने एक माह में खोये दो सैनिक बेटे
हरोली क्षेत्र ने एक माह के भीतर दो सैनिक बेटे खो दिए। इससे बीते जून माह की शुरुआत में पंडोगा गांव के कुलविंदर सिंह की शहादत हो गई। वह जम्मू में सेना के कैंप में लगी आग को बुझाते समय गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, अब पंजावर गांव के भरत सिंह की स्वां नदी में डूबने से मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed