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Una News: आयुर्वेदिक अस्पताल ईसपुर में पंचकर्म की सुविधा बंद
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थेरेपिस्ट की तैनाती न होने के चलते लोगों को ऊना का करना पड़ रहा रुख
प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों के समक्ष तैनाती को लेकर उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ईसपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म सुविधा फिलहाल बंद पड़ी है। अस्पताल में थेरेपिस्ट का पद खाली होने के कारण मरीजों को मजबूरी में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। प्रबंधन की ओर से कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद विभाग की तरफ से अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
अस्पताल में पंचकर्म के लिए सभी उपकरण मौजूद हैं और यहां आसपास के करीब 15 गांवों से लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। सुविधा उपलब्ध न होने से उन्हें मायूस होकर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। वहीं, दवाइयों की भारी कमी भी बनी हुई है, जिस कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि हाल ही में आवश्यक दवाइयों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि समस्या जल्द सुलझ जाएगी। पूर्व में यहां रोजाना औसतन 5 से 10 मरीज पंचकर्म उपचार करवाते थे। सुविधा बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कोट्स
ईसपुर अस्पताल में पंचकर्म के लिए थेरेपिस्ट उपलब्ध नहीं है, जिस कारण लोगों को ऊना अस्पताल जाना पड़ता है। थेरेपिस्ट की तैनाती और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर विभाग को अवगत करा दिया गया है। -डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ऊना
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प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों के समक्ष तैनाती को लेकर उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ईसपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म सुविधा फिलहाल बंद पड़ी है। अस्पताल में थेरेपिस्ट का पद खाली होने के कारण मरीजों को मजबूरी में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। प्रबंधन की ओर से कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद विभाग की तरफ से अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
अस्पताल में पंचकर्म के लिए सभी उपकरण मौजूद हैं और यहां आसपास के करीब 15 गांवों से लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। सुविधा उपलब्ध न होने से उन्हें मायूस होकर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। वहीं, दवाइयों की भारी कमी भी बनी हुई है, जिस कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि हाल ही में आवश्यक दवाइयों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि समस्या जल्द सुलझ जाएगी। पूर्व में यहां रोजाना औसतन 5 से 10 मरीज पंचकर्म उपचार करवाते थे। सुविधा बंद होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कोट्स
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ईसपुर अस्पताल में पंचकर्म के लिए थेरेपिस्ट उपलब्ध नहीं है, जिस कारण लोगों को ऊना अस्पताल जाना पड़ता है। थेरेपिस्ट की तैनाती और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर विभाग को अवगत करा दिया गया है। -डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ऊना
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