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Una News: जेएसी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का विरोध
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ऊना में प्रैसवार्ता के दौरान बिजली बोर्ड ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारी।संवाद
- फोटो : कायमगंज में बारिश के दौरान टीपी चौराहे से गुजरते लोग।
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ऊना से सात अगस्त की शिमला रैली में जाएंगे हजारों कर्मचारी
बिजली बोर्ड के कार्य स्थलों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर लगाई रोक हटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इम्प्लाइज, इंजीनियर और पेंशनर्स की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की जिला ऊना इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें बोर्ड प्रबंधन की ओर से कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों के शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध और जेएसी पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई दमनात्मक कार्रवाइयों का कड़ा विरोध किया गया। समिति ने इन आदेशों को तुरंत निरस्त करने की मांग की। बैठक में जिला पदाधिकारियों अजय पराशर, शांति स्वरूप, पंकज कुमार, आरपी शर्मा, आरडी अग्निहोत्री और एलआर शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान में बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली कुछ विशेष अधिकारियों की ओर से हाईजैक कर ली गई है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में नियमों की खुलकर अवहेलना हो रही है तथा बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं जारी हैं। इन सबका खुलासा 7 अगस्त को शिमला में प्रस्तावित रैली में किया जाएगा। जिला इकाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि बोर्ड में हो रहे घटनाक्रम का संज्ञान लिया जाए, भ्रष्ट और पक्षपाती अधिकारियों को हटाया जाए तथा जेएसी नेतृत्व के खिलाफ जारी की गई चार्जशीट को वापस लेकर उन्हें पुनः उनके पूर्व कार्यस्थलों पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही बोर्ड के कार्यालयों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंध को भी तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई। यह भी बताया गया कि जिला पंचायत के माध्यम से जेएसी की ओर से उठाई गई मांगों पर शीघ्र बैठक कर समाधान निकाला जाए। समिति ने प्रबंधन को दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में आदेशों को वापस नहीं लिया गया और वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो 7 अगस्त को ऊना जिला से हजारों कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर्स और आउटसोर्स कर्मचारी शिमला में विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे। इसके बाद राज्यव्यापी आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
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बिजली बोर्ड के कार्य स्थलों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर लगाई रोक हटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इम्प्लाइज, इंजीनियर और पेंशनर्स की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की जिला ऊना इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें बोर्ड प्रबंधन की ओर से कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों के शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शनों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध और जेएसी पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई दमनात्मक कार्रवाइयों का कड़ा विरोध किया गया। समिति ने इन आदेशों को तुरंत निरस्त करने की मांग की। बैठक में जिला पदाधिकारियों अजय पराशर, शांति स्वरूप, पंकज कुमार, आरपी शर्मा, आरडी अग्निहोत्री और एलआर शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान में बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली कुछ विशेष अधिकारियों की ओर से हाईजैक कर ली गई है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में नियमों की खुलकर अवहेलना हो रही है तथा बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं जारी हैं। इन सबका खुलासा 7 अगस्त को शिमला में प्रस्तावित रैली में किया जाएगा। जिला इकाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि बोर्ड में हो रहे घटनाक्रम का संज्ञान लिया जाए, भ्रष्ट और पक्षपाती अधिकारियों को हटाया जाए तथा जेएसी नेतृत्व के खिलाफ जारी की गई चार्जशीट को वापस लेकर उन्हें पुनः उनके पूर्व कार्यस्थलों पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही बोर्ड के कार्यालयों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंध को भी तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की गई। यह भी बताया गया कि जिला पंचायत के माध्यम से जेएसी की ओर से उठाई गई मांगों पर शीघ्र बैठक कर समाधान निकाला जाए। समिति ने प्रबंधन को दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि में आदेशों को वापस नहीं लिया गया और वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो 7 अगस्त को ऊना जिला से हजारों कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर्स और आउटसोर्स कर्मचारी शिमला में विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे। इसके बाद राज्यव्यापी आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।