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Una News: ऊना-होशियारपुर के लिए देर शाम बस सेवा नहीं, मुश्किल में मुसाफिर
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लोगों को 35 किलोमीटर अतिरिक्त सफर कर वाया गगरेट पहुंचना पड़ रहा होशियारपुर
लोगों ने कहा, देर शाम भी जारी रहनी चाहिए बस सेवा, कई बार हो जाती है देर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना से पड़ोसी राज्य पंजाब के होशियारपुर के लिए दिन के समय तो बस सेवाएं पर्याप्त हैं, लेकिन देर शाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जरूरी कामों से लौटने वाले हों या धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालु, शाम के बाद बस न मिलने के कारण उन्हें लगभग 35 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। लोग ऊना से पहले गगरेट और फिर वहां से होशियारपुर जाने को मजबूर हैं।
होशियारपुर से गगरेट के लिए रात में कुछ बसें उपलब्ध हैं, लेकिन गगरेट से ऊना के लिए शाम पौने सात बजे के बाद कोई बस नहीं चलती। जानकारी के अनुसार ऊना से होशियारपुर के लिए एचआरटीसी सेवाएं शाम लगभग छह बजे समाप्त हो जाती हैं, जबकि होशियारपुर से आखिरी बस पौने सात बजे आती है।
ऊना सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग कामकाज और अन्य कार्यों के सिलसिले में होशियारपुर एवं आसपास के जिलों में जाते हैं। वहीं, पंजाब से भी सैकड़ों श्रद्धालु व पर्यटक प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों की ओर आते हैं। कई बार वापसी में देरी होने पर यात्रियों को बस अड्डों पर रात गुजारने या महंगी टैक्सी लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
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पंजाब से आने वाले कई श्रद्धालु ऊना से रात लगभग पौने आठ बजे चलने वाली एक निजी बस से गगरेट पहुंचते हैं और फिर वहां से चिंतपूर्णी या धर्मशाला रूट की किसी बस में सवार होकर होशियारपुर की ओर रवाना होते हैं। इसी तरह होशियारपुर बस अड्डे में पौने सात के बाद पहुंचने वाले यात्रियों के पास भी केवल टैक्सी या गगरेट के रास्ते जाने का विकल्प ही बचता है। कुल मिलाकर, दोनों जिलों के यात्रियों को वर्षों से यह असुविधा झेलनी पड़ रही है, लेकिन आश्चर्य है कि इस ओर आज तक किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
क्षेत्रवासियों राजविंद्र कौर, अभिषेक कुमार, अजय कुमार, राजीव कुमार और आर्यन शर्मा ने बताया कि रोजाना हजारों लोग कामकाज और अन्य उद्देश्यों से होशियारपुर आते-जाते हैं। शनिवार की देर शाम यदि होशियारपुर बस अड्डे पहुंचा जाए तो घर लौटना मुश्किल हो जाता है। ऊना में भी यही स्थिति है। यात्रियों को अतिरिक्त किलोमीटर का सफर करना पड़ता है और अधिक किराया देने के बावजूद भी परेशानी कम नहीं होती।
एचआरटीसी ऊना के आरएम सुरेश धीमान ने बताया कि होशियारपुर–ऊना रूट पर बस सेवाओं में यदि कहीं कमी है तो उसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर यात्रियों से भी बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
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लोगों ने कहा, देर शाम भी जारी रहनी चाहिए बस सेवा, कई बार हो जाती है देर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना से पड़ोसी राज्य पंजाब के होशियारपुर के लिए दिन के समय तो बस सेवाएं पर्याप्त हैं, लेकिन देर शाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जरूरी कामों से लौटने वाले हों या धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालु, शाम के बाद बस न मिलने के कारण उन्हें लगभग 35 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। लोग ऊना से पहले गगरेट और फिर वहां से होशियारपुर जाने को मजबूर हैं।
होशियारपुर से गगरेट के लिए रात में कुछ बसें उपलब्ध हैं, लेकिन गगरेट से ऊना के लिए शाम पौने सात बजे के बाद कोई बस नहीं चलती। जानकारी के अनुसार ऊना से होशियारपुर के लिए एचआरटीसी सेवाएं शाम लगभग छह बजे समाप्त हो जाती हैं, जबकि होशियारपुर से आखिरी बस पौने सात बजे आती है।
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ऊना सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग कामकाज और अन्य कार्यों के सिलसिले में होशियारपुर एवं आसपास के जिलों में जाते हैं। वहीं, पंजाब से भी सैकड़ों श्रद्धालु व पर्यटक प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों की ओर आते हैं। कई बार वापसी में देरी होने पर यात्रियों को बस अड्डों पर रात गुजारने या महंगी टैक्सी लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
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पंजाब से आने वाले कई श्रद्धालु ऊना से रात लगभग पौने आठ बजे चलने वाली एक निजी बस से गगरेट पहुंचते हैं और फिर वहां से चिंतपूर्णी या धर्मशाला रूट की किसी बस में सवार होकर होशियारपुर की ओर रवाना होते हैं। इसी तरह होशियारपुर बस अड्डे में पौने सात के बाद पहुंचने वाले यात्रियों के पास भी केवल टैक्सी या गगरेट के रास्ते जाने का विकल्प ही बचता है। कुल मिलाकर, दोनों जिलों के यात्रियों को वर्षों से यह असुविधा झेलनी पड़ रही है, लेकिन आश्चर्य है कि इस ओर आज तक किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
क्षेत्रवासियों राजविंद्र कौर, अभिषेक कुमार, अजय कुमार, राजीव कुमार और आर्यन शर्मा ने बताया कि रोजाना हजारों लोग कामकाज और अन्य उद्देश्यों से होशियारपुर आते-जाते हैं। शनिवार की देर शाम यदि होशियारपुर बस अड्डे पहुंचा जाए तो घर लौटना मुश्किल हो जाता है। ऊना में भी यही स्थिति है। यात्रियों को अतिरिक्त किलोमीटर का सफर करना पड़ता है और अधिक किराया देने के बावजूद भी परेशानी कम नहीं होती।
एचआरटीसी ऊना के आरएम सुरेश धीमान ने बताया कि होशियारपुर–ऊना रूट पर बस सेवाओं में यदि कहीं कमी है तो उसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर यात्रियों से भी बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।