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Una News: दुनिया में करीब 400 मिलियन लोग खो चुके हैं सुनने की शक्ति
Tue, 19 Mar 2024 05:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 19 Mar 2024 05:55 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जिला स्तरीय जागरूकता शिविर आयोजित
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला जन शिक्षा सूचना सम्प्रेषण अधिकारी शारदा सारस्वत ने बताया कि सीएमओ ऊना डाॅ. एसके वर्मा के दिशा-निर्देशों के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह दिवस वर्ष 2007 से मनाया जा रहा है।
इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बहरेपन तथा श्रवण हानि रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है तथा आम जनसमुदाय में कानों से संबंधित हो रही विभिन्न बीमारियों एवं बधिरता के बारे में प्रचार-प्रसार करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में लगभग 400 मिलियन लोग सुनने की शक्ति खो चुके हैं। इस दिवस का उद्देश्य प्रारम्भिक अवस्था में ही बहरेपन के निदान और उपचार की सेवा पुन:स्थापन कर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस वर्ष का थीम बदलती मानसिकता आइये कान और सुनने कि देखभाल को सभी के लिए एक वास्तविकता बनाएं, हम कान और सुनने के स्वास्थ्य को कैसे देखते हैं, दृष्टिकोण करते हैं और प्रबंधित करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण, बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने भी अपने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढ़ेडा की छात्राओं के बीच भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई तथा इन प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सभी हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढ़ेडा की नर्सिंग टयूटर साक्षी , दीक्षा, सरिता चौधरी और रुचि सहित संस्थान की नर्सिंग स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
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लक्षण और बचाव
कान से खून, बदबू का आना गंभीर रोग के लक्षण होते हैं। कान में कोई नुकीली वस्तु न डालें और बच्चे के कान पर बिल्कुल न मारें, कानों को तेज शोर से बचाएं और कानों में गंदा पानी न जाने दें। यदि कोई बच्चा कक्षा में अनसुना करे और ध्यान न दे तो हो सकता है कि उसे कम सुनाई देता हो। कान में किसी तरह का तरल पदार्थ या तेल न डालें।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला जन शिक्षा सूचना सम्प्रेषण अधिकारी शारदा सारस्वत ने बताया कि सीएमओ ऊना डाॅ. एसके वर्मा के दिशा-निर्देशों के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह दिवस वर्ष 2007 से मनाया जा रहा है।
इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बहरेपन तथा श्रवण हानि रोकने के लिए जागरूकता फैलाना है तथा आम जनसमुदाय में कानों से संबंधित हो रही विभिन्न बीमारियों एवं बधिरता के बारे में प्रचार-प्रसार करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में लगभग 400 मिलियन लोग सुनने की शक्ति खो चुके हैं। इस दिवस का उद्देश्य प्रारम्भिक अवस्था में ही बहरेपन के निदान और उपचार की सेवा पुन:स्थापन कर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस वर्ष का थीम बदलती मानसिकता आइये कान और सुनने कि देखभाल को सभी के लिए एक वास्तविकता बनाएं, हम कान और सुनने के स्वास्थ्य को कैसे देखते हैं, दृष्टिकोण करते हैं और प्रबंधित करते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण, बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने भी अपने अपने विचार रखे।
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इस अवसर पर हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढ़ेडा की छात्राओं के बीच भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई तथा इन प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सभी हिमकैप्स नर्सिंग कॉलेज बढ़ेडा की नर्सिंग टयूटर साक्षी , दीक्षा, सरिता चौधरी और रुचि सहित संस्थान की नर्सिंग स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
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लक्षण और बचाव
कान से खून, बदबू का आना गंभीर रोग के लक्षण होते हैं। कान में कोई नुकीली वस्तु न डालें और बच्चे के कान पर बिल्कुल न मारें, कानों को तेज शोर से बचाएं और कानों में गंदा पानी न जाने दें। यदि कोई बच्चा कक्षा में अनसुना करे और ध्यान न दे तो हो सकता है कि उसे कम सुनाई देता हो। कान में किसी तरह का तरल पदार्थ या तेल न डालें।