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माता चिंतपूर्णी में 13 से शुरू होगा नवरात्र मेला
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चिंतपूर्णी में चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते एडीसी डा अ?
- फोटो : Una
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चिंतपूर्णी (ऊना)। कोरोना संकट के बीच प्रशासन ने माता श्री चिंतपूर्णी में चैत्र नवरात्र मेला आयोजित करने का फैसला किया है। यह मेला 13 से 21 अप्रैल तक आयोजित होगा। मेले के लिए प्रशासनिक तौर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मंगलवार को मेले के आयोजन के लिए चिंतपूर्णी सदन में बैठक ली।
इस अवसर पर एसडीएम अंब को मेला अधिकारी जबकि डीएसपी को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया है। मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा जाएगा। इनमें 450 से अधिक पुलिस और गृहरक्षक तैनात रहेंगे। मेले के दौरान मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं की स्पेशल बसें भरवाईं में ही रोक दी जाएंगी। जबकि नियमित रूट की बसों को चिंतपूर्णी बस स्टैंड तक आने दिया जाएगा। साथ ही मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एडीसी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार स्थानों पर पानी पिलाने की व्यवस्था की जाएगी। भरवाईं से मुबारिकपुर तक 40 अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में आग की घटना से निपटने के लिए दो अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे।
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नारियल चढ़ाने और ढोल नगाड़े पर प्रतिबंध
एडीसी ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के नारियल चढ़ाने, ढोल और नगाडे़, लाउडस्पीकर और चिमटा बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेले के दौरान लंगर और भंडारे लगाने की अनुमति नहीं रहेगी। कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रसाद चढ़ाने संबंधी एसओपी जल्द ही जारी की जाएगी।
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तीन जगहों पर मिलेगी दर्शन पर्ची
श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पर्ची अनिवार्य होगी तथा यह पर्ची तीन स्थानों से प्राप्त की जा सकेगी। दर्शन पर्ची एडीबी भवन, चिंतपूर्णी बस स्टैंड पार्किंग और शंभू बैरियर से प्राप्त की जा सकेगी। छोटे वाहनों में आनेवाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था भरवाईं और एडीबी भवन में की जाएगी। जबकि भारी वाहनों के लिए भी भरवाईं में ही प्रबंध किया जाएगा।
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24 घंटे स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध होंगी
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को चिंतपूर्णी अस्पताल 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जाएंगी। एडीसी ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के लिए जलशक्ति विभाग को पेयजल स्रोतों की समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। कहा कि साफ-सफाई का कार्य सुलभ इंटरनेशनल को दिया गया है, इसमें 30 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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इस अवसर पर एसडीएम अंब को मेला अधिकारी जबकि डीएसपी को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया है। मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा जाएगा। इनमें 450 से अधिक पुलिस और गृहरक्षक तैनात रहेंगे। मेले के दौरान मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं की स्पेशल बसें भरवाईं में ही रोक दी जाएंगी। जबकि नियमित रूट की बसों को चिंतपूर्णी बस स्टैंड तक आने दिया जाएगा। साथ ही मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एडीसी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार स्थानों पर पानी पिलाने की व्यवस्था की जाएगी। भरवाईं से मुबारिकपुर तक 40 अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में आग की घटना से निपटने के लिए दो अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे।
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नारियल चढ़ाने और ढोल नगाड़े पर प्रतिबंध
एडीसी ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं के नारियल चढ़ाने, ढोल और नगाडे़, लाउडस्पीकर और चिमटा बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेले के दौरान लंगर और भंडारे लगाने की अनुमति नहीं रहेगी। कोरोना महामारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रसाद चढ़ाने संबंधी एसओपी जल्द ही जारी की जाएगी।
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तीन जगहों पर मिलेगी दर्शन पर्ची
श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पर्ची अनिवार्य होगी तथा यह पर्ची तीन स्थानों से प्राप्त की जा सकेगी। दर्शन पर्ची एडीबी भवन, चिंतपूर्णी बस स्टैंड पार्किंग और शंभू बैरियर से प्राप्त की जा सकेगी। छोटे वाहनों में आनेवाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था भरवाईं और एडीबी भवन में की जाएगी। जबकि भारी वाहनों के लिए भी भरवाईं में ही प्रबंध किया जाएगा।
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24 घंटे स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध होंगी
डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को चिंतपूर्णी अस्पताल 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जाएंगी। एडीसी ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और साफ-सुथरा पेयजल मुहैया करवाने के लिए जलशक्ति विभाग को पेयजल स्रोतों की समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। कहा कि साफ-सफाई का कार्य सुलभ इंटरनेशनल को दिया गया है, इसमें 30 कर्मचारी कार्यरत हैं।