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Una News: उद्घाटन और शिलान्यास पट्टिका पर नाम न होने पर तलख हुए सांसद
Wed, 02 Sep 2026 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:54 PM IST
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ऊना। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर दिशा की बैठक में एक के बाद एक सवालों के मास्टर स्ट्रोक लगाते गए। बेला था, जिला परिषद के सभागार में दिशा की समीक्षा बैठक का। सुबह 10:25 पर सभागार कक्ष में प्रवेश हुए। समीक्षा बैठक के बिंदुओं पर चर्चा करने से पहले ही अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना सहित केंद्र वित्त पोषित परियोजना के ऊपर सांसद के नाम की उद्घाटन और शिलान्यास पट्टिका पर नाम लिखने की अनदेखी पर लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की खूब क्लास लगाई और कहा कि ऐसे अधिकारियों को नोटिस देकर दिल्ली बुलाया जाएगा, जोकि परियोजनाओं पर नाम तक लिखने से कतरा रहे हैं और ऐसा किसके इशारे पर हुआ है, इसके बारे में भी जवाब तलब किया है। कहा कि इतना ही नहीं बल्कि अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट भेज कर केंद्र सरकार को भी गुमराह किया है और इसमें प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन का अहम रोल आंका गया है। विभागीय अधिकारी भी जवाब देने में संकोच करते नजर आए और कहा कि यह सब कुछ जबरदस्ती किया गया है और जिला प्रशासन के निर्देशों के तहत ही संबंधित योजनाओं के ऊपर सांसद का नाम नहीं लिखा गया है। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हर जिला की समस्या है। सीएम जागते हैं, ऐसे कैसे सरकार चलेगी। रात को समय तय करेंगे तो ऐसे कौन कैसे आना संभव होगा। इतना ही नहीं बल्कि चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल की उद्घाटन और शिलान्यास तक की पट्टिका को तोड़ डाला है और उसकी जगह पर भी कोई नई पट्टिका तक नहीं लगाई है। अनुराग सिंह ठाकुर ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर कोई काम मंत्री नहीं करना चाहता है, तो योजना लाने ही बंद कर दें और इसके लिए संबंधित सरकार और उनके मंत्री जिम्मेदार होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए की मीटिंग खत्म होने के बाद पूरे संसदीय क्षेत्र में पट्टिकाएं कहां और क्यों नहीं लगाई गई है, इसकी फोटो सहित जवाब दें । भारत सरकार को अधिकारी झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और मंत्री विक्रमादित्य सिंह दो के ही नाम पट्टिकाओं में नहीं जुड़े गए है। पट्टिकाओं में ही फर्जीबाडा कर डाला है, तो काम में कितना करते होंगे। इसके ऊपर भी विभागीय अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं और बोले के डेढ़ महीने से कोई काम नहीं हो रहा है। बल्क ड्रग पार्क जब केंद्र सरकार ने शिलान्यास किया था, तो कांग्रेस ने पहले इसका विरोध किया और अब छोटे-छोटे कामों के लिए भी पट्टिका लगाने के लिए पहले खड़े हो रहे हैं, इतना ही नहीं बल्कि हिमाचल के लिए केंद्र की ओर से किसी भी बड़े प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए चीफ इंजीनियर, प्रमुख अभियंता और सचिव को दिल्ली बुलाकर ही छोडूंगा और सरकार ने तो बेशर्मी की भी सारी हदें पार कर दी है। डीसी ने कैसे ऐसी पट्टिकाओं को बिना सांसद और मंत्री के नाम के लगाने की मंजूरी दे दी, उन्हें भी दिल्ली तलब किया जाएगा। तकरीबन 15 मिनट तक सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने अधिकारियों की इस लापरवाही के लिए खूब क्लास लगाई और पूरा सभागार का माहौल गर्मा गया। एक के बाद एक सवालों की धुआंधार बौछार से अधिकारियों के मुंह भी बंद नजर आए।
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छलकियां
सांसद बोले ठेकेदार को 24 लाख का जुर्माना, डीएफओ साहब को पता तक नहीं
सांसद बोले कोई खैर नहीं छोड़ा है और संबंधित ठेकेदार तक को 24 लाख रुपए की पेनल्टी तक लगा डाली है। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को खबर तक नहीं है। उन्होंने इशाराें ही इशारे में कहा कि 19 साल से मीटिंग ले रहा हूं। डीएफओ साहब मंजूरी देने के लिए आप प्राण ले लेते हैं और 24 लाख का जुर्माना तक लग गया है और आपको खबर तक नहीं है। इस मसले की एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दे।
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विभागीय अधिकारियों के नाम सहित फोन नंबर का बोर्ड टांगे
जिला में कहीं भी देख लें, हर मार्ग की नालियां बंद पड़ी है और तीन साल बोलते हुए हो गए कि झाड़ियां और नालियां सड़क किनारे दुरुस्त की जाए, लेकिन कोई भी सुधार विभाग के कार्य प्रणाली में नहीं हुआ है। वहीं वीबी राम जी के तहत इस तरह के काम करवाने पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसी जगह पर लोग निर्माण विभाग के एक्सईयन, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता के नाम तक बोर्ड लगाकर टांगे जाएं ताकि फोन नंबर पर जनता खुद संपर्क करें और इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली को बेनकाब करें। कहा कि अधिकारी एसी दफ्तर से बाहर निकलेंगे तभी लोगों की समस्या का समाधान होगा।
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जिला परिषद के अध्यक्ष की अधिकारियों के साथ तकरार
जिला परिषद के अध्यक्ष पवन लंबरदार बोले कि विभागीय अधिकारी कुछ लोगों के लिए ही काम कर रहे हैं। समस्या का हल नहीं हो रहा है। गगरेट क्षेत्र में भी बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी बार-बार आग्रह करने के बावजूद भी अनसूना कर रहे हैं। उन्होंने मीटिंग में संबंधित विभाग अधिकारी की भी खूब क्लास लगाई। ऊना बड़सर मार्ग पर 2023 में स्लाइड हुआ था, रिटर्निंग वॉल तक नहीं लगाई गई है। सड़क बनाने वाले ठेकेदार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। इस संदर्भ में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी सवाल खड़े किया।
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चिंतपूर्णी विस का पैसा हरोली में कैसे खर्च डाला
बैठक में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र का सोलर लाइट लगाने का पैसा हरोली विधानसभा में खर्च होने का मुद्दा भी खूब गर्माया और इस दौरान हिम ऊर्जा विभाग से अधिकारी भी बैठकर में नदारद पाए जाने की सूरत में सांसद ने गहरी नाराजगी जताते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से ही विभाग के परियोजना अधिकारी से फीडबैक जुटाई और इसकी वस्तु स्थिति की रिपोर्ट तलब की। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी दूसरी विधानसभा क्षेत्र का हक मार कर 2000 करोड रुपए के काम हरोली विधानसभा क्षेत्र में ही संचालित होने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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कृषि उद्यान विभाग के अधिकारियों की भी खूब क्लास लगाई कि कोई कैंप नहीं लगते हैं, तो लोगों को विभाग की स्कीमों की जानकारी कैसे मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायत और संबंधित प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करके इस दिशा में लोगों को जागरूक करें।
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12 करोड रुपए का बजट सात सितंबर के अभियान पर खर्च ने खड़े किए सवाल
सीएमओ ऊना एसके वर्मा को भी इशारों ही इशाराें में अलर्ट कर गए कि पिछले तीन महीने में कोई भी प्रोग्रेस नहीं हुई है, ना तो टीवी एचआईवी एड्स और ड्रग्स के बारे में जागरूकता का कोई भी आंकड़ा विभाग के अधिकारी पेश नहीं कर पाए हैं। उन्होंने चेताया कि चिट्टा का काम कौन विभाग देख रहा है। 12 करोड रुपए का बजट सात सितंबर के अभियान पर खर्च किया जा रहा है, लेकिन बजट कहां से आया है, कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने इस पर भी सवाल खड़े किए हैं। वही आयुष्मान भारत हिम केयर के बारे में भी सीएमओ कोई भी अपडेट नहीं दे पाए हैं। 6 महीने में कोई पैसा नहीं आया है और कहा है कि सीएमओ मिस-लीडिंग कर रहे हैं और यह ठीक नहीं है। गुमराह करने की बजाय लोगों को सुविधाएं दें। वही सहारा योजना में कितने पात्र हैं और अपात्र हैं, इसकी 15 दिन में रिपोर्ट देने के लिए जिला कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं, तो वहीं जन औषधि केंद्र में कितनी दवाई बिकती है। सीएमओ से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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साढ़े पांच करोड रुपए के लगाए कैमरे, चालान मात्र 417
जिला में जहां-जहां भी खनन से संबंधित गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, खनन विभाग 30 साल में एक भी पैसा आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समुदाय कल्याण पर नहीं लगा पाया है। अवैध खनन में कमी नहीं देखी है। 104 चालान किए गए हैं, जिन में 39 टिप्पर है, बाकी कृषि योग्य ट्रैक्टर के चालान करके लोगों को परेशान किया जा रहा है। जबकि सबसे ज्यादा अवैध खनन टिप्पर माफिया कर रहा है। उन्होंने कहा है कि फाइन बढ़ाओ और सख्त कार्रवाई करें, लेकिन खनन विभाग सोया हुआ नजर आ रहा है। जबकि साढ़े पांच करोड रुपए के कैमरे लगा दिए हैं और 417 चालान काटकर मात्रक 41 लख रुपए ही एक साल में जुर्माना वसूल है, विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर गए हैं।
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छलकियां
सांसद बोले ठेकेदार को 24 लाख का जुर्माना, डीएफओ साहब को पता तक नहीं
सांसद बोले कोई खैर नहीं छोड़ा है और संबंधित ठेकेदार तक को 24 लाख रुपए की पेनल्टी तक लगा डाली है। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को खबर तक नहीं है। उन्होंने इशाराें ही इशारे में कहा कि 19 साल से मीटिंग ले रहा हूं। डीएफओ साहब मंजूरी देने के लिए आप प्राण ले लेते हैं और 24 लाख का जुर्माना तक लग गया है और आपको खबर तक नहीं है। इस मसले की एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दे।
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विभागीय अधिकारियों के नाम सहित फोन नंबर का बोर्ड टांगे
जिला में कहीं भी देख लें, हर मार्ग की नालियां बंद पड़ी है और तीन साल बोलते हुए हो गए कि झाड़ियां और नालियां सड़क किनारे दुरुस्त की जाए, लेकिन कोई भी सुधार विभाग के कार्य प्रणाली में नहीं हुआ है। वहीं वीबी राम जी के तहत इस तरह के काम करवाने पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसी जगह पर लोग निर्माण विभाग के एक्सईयन, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता के नाम तक बोर्ड लगाकर टांगे जाएं ताकि फोन नंबर पर जनता खुद संपर्क करें और इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली को बेनकाब करें। कहा कि अधिकारी एसी दफ्तर से बाहर निकलेंगे तभी लोगों की समस्या का समाधान होगा।
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जिला परिषद के अध्यक्ष की अधिकारियों के साथ तकरार
जिला परिषद के अध्यक्ष पवन लंबरदार बोले कि विभागीय अधिकारी कुछ लोगों के लिए ही काम कर रहे हैं। समस्या का हल नहीं हो रहा है। गगरेट क्षेत्र में भी बरसात का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी बार-बार आग्रह करने के बावजूद भी अनसूना कर रहे हैं। उन्होंने मीटिंग में संबंधित विभाग अधिकारी की भी खूब क्लास लगाई। ऊना बड़सर मार्ग पर 2023 में स्लाइड हुआ था, रिटर्निंग वॉल तक नहीं लगाई गई है। सड़क बनाने वाले ठेकेदार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। इस संदर्भ में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने भी सवाल खड़े किया।
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चिंतपूर्णी विस का पैसा हरोली में कैसे खर्च डाला
बैठक में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र का सोलर लाइट लगाने का पैसा हरोली विधानसभा में खर्च होने का मुद्दा भी खूब गर्माया और इस दौरान हिम ऊर्जा विभाग से अधिकारी भी बैठकर में नदारद पाए जाने की सूरत में सांसद ने गहरी नाराजगी जताते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से ही विभाग के परियोजना अधिकारी से फीडबैक जुटाई और इसकी वस्तु स्थिति की रिपोर्ट तलब की। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी दूसरी विधानसभा क्षेत्र का हक मार कर 2000 करोड रुपए के काम हरोली विधानसभा क्षेत्र में ही संचालित होने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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कृषि उद्यान विभाग के अधिकारियों की भी खूब क्लास लगाई कि कोई कैंप नहीं लगते हैं, तो लोगों को विभाग की स्कीमों की जानकारी कैसे मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायत और संबंधित प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करके इस दिशा में लोगों को जागरूक करें।
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12 करोड रुपए का बजट सात सितंबर के अभियान पर खर्च ने खड़े किए सवाल
सीएमओ ऊना एसके वर्मा को भी इशारों ही इशाराें में अलर्ट कर गए कि पिछले तीन महीने में कोई भी प्रोग्रेस नहीं हुई है, ना तो टीवी एचआईवी एड्स और ड्रग्स के बारे में जागरूकता का कोई भी आंकड़ा विभाग के अधिकारी पेश नहीं कर पाए हैं। उन्होंने चेताया कि चिट्टा का काम कौन विभाग देख रहा है। 12 करोड रुपए का बजट सात सितंबर के अभियान पर खर्च किया जा रहा है, लेकिन बजट कहां से आया है, कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने इस पर भी सवाल खड़े किए हैं। वही आयुष्मान भारत हिम केयर के बारे में भी सीएमओ कोई भी अपडेट नहीं दे पाए हैं। 6 महीने में कोई पैसा नहीं आया है और कहा है कि सीएमओ मिस-लीडिंग कर रहे हैं और यह ठीक नहीं है। गुमराह करने की बजाय लोगों को सुविधाएं दें। वही सहारा योजना में कितने पात्र हैं और अपात्र हैं, इसकी 15 दिन में रिपोर्ट देने के लिए जिला कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं, तो वहीं जन औषधि केंद्र में कितनी दवाई बिकती है। सीएमओ से रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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साढ़े पांच करोड रुपए के लगाए कैमरे, चालान मात्र 417
जिला में जहां-जहां भी खनन से संबंधित गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, खनन विभाग 30 साल में एक भी पैसा आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समुदाय कल्याण पर नहीं लगा पाया है। अवैध खनन में कमी नहीं देखी है। 104 चालान किए गए हैं, जिन में 39 टिप्पर है, बाकी कृषि योग्य ट्रैक्टर के चालान करके लोगों को परेशान किया जा रहा है। जबकि सबसे ज्यादा अवैध खनन टिप्पर माफिया कर रहा है। उन्होंने कहा है कि फाइन बढ़ाओ और सख्त कार्रवाई करें, लेकिन खनन विभाग सोया हुआ नजर आ रहा है। जबकि साढ़े पांच करोड रुपए के कैमरे लगा दिए हैं और 417 चालान काटकर मात्रक 41 लख रुपए ही एक साल में जुर्माना वसूल है, विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर गए हैं।