{"_id":"67387a649bc400290202cf9c","slug":"mobile-phone-addiction-is-ruining-the-future-of-youth-una-news-c-93-1-una1002-138443-2024-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: मोबाइल फोन की लत कर रही युवाओं का भविष्य बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: मोबाइल फोन की लत कर रही युवाओं का भविष्य बर्बाद
विज्ञापन
सोशल मीडिया की दीवानगी ने पढ़ाई से दूर किया यंगिस्तान
खेल मैदानों से भी दूर हो रहे नौनिहाल, मोबाइल में खप रहा पूरा दिन
विवेक शर्मा
गगरेट (ऊना)। मोबाइल और सोशल मीडिया की लत ने यंगिस्तान को पढ़ाई से दूर कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे वर्चुअल दुनिया में ऐसे खो गए हैं कि उन्हें अपने आस पड़ोस में क्या हो रहा, इसकी कोई खबर तक नहीं रहती। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखना शुरू कर देते हैं और शाम तक यही प्रक्रिया चली रहती है। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा दिया। अब यह कहीं न कहीं बच्चों के भविष्य में रुकावट बन रहा है। बच्चे अब पढ़ाई और खेल मैदान से दूर होते जा रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने मोबाइल फोन के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई है।
बॉक्स
गगरेट के संजीव पराशर के अनुसार मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल सुविधा के लिए ही किया जाए तो बेहतर है। युवाओं में अब इसकी लत लग चुकी है जो युवाओं के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
बॉक्स
विकास विक्की के अनुसार सोशल मीडिया और इंटरनेट की लत युवाओं को न केवल पढ़ाई से दूर कर रही है, बल्कि युवा वर्ग खेल के मैदान से भी दूर होता जा रहा है। अभिभावकों को इस विषय पर ध्यान देने की खासी जरूरत है। लाड प्यार में बच्चों और युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
बॉक्स
सुशील कालिया के अनुसार मोबाइल फोन ने आज के आधुनिक युग में बहुत सी सुविधाएं दे रखी हैं। लेकिन इसकी लत लगना एक चिंता का विषय है। आज छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र वर्ग के लोग मोबाइल फोन पर ही अपने दिन का ज्यादा से ज्यादा समय गुजार रहे हैं। मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से इसकी लत लगने की संभावना अधिक रहती है।
कर्मजीत सिंह राजा के अनुसार इंटरनेट से सभी कार्यक्षेत्रों में बहुत फायदा भी है। मोबाइल से ही पूरे विश्व की जानकारी चंद सेकेंड में उपलब्ध हो जाती है। यदि इसका इस्तेमाल सही दिशा में किया जाए तो लाभ ही है लेकिन व्यर्थ की चीजों पर हर समय मोबाइल चलाना उचित नहीं।
अरविंद चक्रवर्ती के अनुसार बच्चे और युवा मोबाइल के इस मोहजाल में इस कद्र फंस चुके हैं कि जिसे चाह कर भी अब दूर नहीं किया जा सकता। अभी भी इस मोहजाल से बच्चों को जितना दूर किया जा सके, उनके भविष्य के लिए बेहतर होगा।
विज्ञापन
खेल मैदानों से भी दूर हो रहे नौनिहाल, मोबाइल में खप रहा पूरा दिन
विवेक शर्मा
गगरेट (ऊना)। मोबाइल और सोशल मीडिया की लत ने यंगिस्तान को पढ़ाई से दूर कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे वर्चुअल दुनिया में ऐसे खो गए हैं कि उन्हें अपने आस पड़ोस में क्या हो रहा, इसकी कोई खबर तक नहीं रहती। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल देखना शुरू कर देते हैं और शाम तक यही प्रक्रिया चली रहती है। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा दिया। अब यह कहीं न कहीं बच्चों के भविष्य में रुकावट बन रहा है। बच्चे अब पढ़ाई और खेल मैदान से दूर होते जा रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने मोबाइल फोन के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई है।
बॉक्स
गगरेट के संजीव पराशर के अनुसार मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल सुविधा के लिए ही किया जाए तो बेहतर है। युवाओं में अब इसकी लत लग चुकी है जो युवाओं के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
विज्ञापन
बॉक्स
विकास विक्की के अनुसार सोशल मीडिया और इंटरनेट की लत युवाओं को न केवल पढ़ाई से दूर कर रही है, बल्कि युवा वर्ग खेल के मैदान से भी दूर होता जा रहा है। अभिभावकों को इस विषय पर ध्यान देने की खासी जरूरत है। लाड प्यार में बच्चों और युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
बॉक्स
सुशील कालिया के अनुसार मोबाइल फोन ने आज के आधुनिक युग में बहुत सी सुविधाएं दे रखी हैं। लेकिन इसकी लत लगना एक चिंता का विषय है। आज छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र वर्ग के लोग मोबाइल फोन पर ही अपने दिन का ज्यादा से ज्यादा समय गुजार रहे हैं। मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से इसकी लत लगने की संभावना अधिक रहती है।
कर्मजीत सिंह राजा के अनुसार इंटरनेट से सभी कार्यक्षेत्रों में बहुत फायदा भी है। मोबाइल से ही पूरे विश्व की जानकारी चंद सेकेंड में उपलब्ध हो जाती है। यदि इसका इस्तेमाल सही दिशा में किया जाए तो लाभ ही है लेकिन व्यर्थ की चीजों पर हर समय मोबाइल चलाना उचित नहीं।
अरविंद चक्रवर्ती के अनुसार बच्चे और युवा मोबाइल के इस मोहजाल में इस कद्र फंस चुके हैं कि जिसे चाह कर भी अब दूर नहीं किया जा सकता। अभी भी इस मोहजाल से बच्चों को जितना दूर किया जा सके, उनके भविष्य के लिए बेहतर होगा।