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निदेशालय एक करने से नहीं सुधरेगी शिक्षा गुणवत्ता : संघ
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कहा, अध्यापकों की नियुक्ति करे प्रदेश सरकार
प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का निदेशालय एक करने पर गुस्साए अध्यापक
प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा- सरकारी स्कूलों में 15 कक्षाओं की व्यवस्था एक व्यक्ति कैसे संभालेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से कहा कि शिक्षा निदेशालयों को मर्ज करने से पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर नहीं होगी। इसके लिए अध्यापकों की नियुक्ति करनी होगी। इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही।
संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा और महासचिव सत्येंद्र मिन्हास का कहना है कि यदि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए ऐसा कर रही है तो उसे एक कक्षा एक अध्यापक तैनात करना चाहिए। इसके बाद गुणवत्ता के लिए प्राथमिक शिक्षक जिम्मेदार होंगे। दूसरा जब एक हाई स्कूल या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ प्राथमिक पाठशालाएं अटैच होंगी तो कक्षा प्री नर्सरी सहित कक्षा एक से 12वीं तक 15 कक्षाओं को एक अधिकारी कैसे देख पाएगा। अधिकतर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में क्लर्क नहीं है। वह काम भी प्रधानाचार्य को ही करना पड़ रहा। वहीं, नई शिक्षा पद्धति 2020 के तहत केंद्र सरकार की ओर से सारा ढांचा दोबारा बनाया और कार्य ठीक चल रहा है। नई शिक्षा पद्धति में बच्चों को अलग-अलग तरीकों से पढ़ाया जा रहा। वह ढांचा भी अस्त-व्यस्त हो जाएगा। इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि पुरानी व्यवस्था को न बदला जाए। जो परिवर्तन सरकार करना चाहती है, उसको भी सुचारु होने में कई साल लगेंगे। गुणवत्ता को देखते-देखते समय बीत जाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि जिले से भी अध्यापक शिमला में धरने के लिए जाएंगे। जब एक मकसद को लेकर चल पड़े हैं तो अब पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं।
यह है मामला
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को उच्च शिक्षा निदेशालय में मर्ज करने की योजना बनाई है। इसमें कक्षा एक से 12वीं तक एक ही निदेशालय बनाने का प्रावधान है। इसके लिए सरकार की ओर से एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया। कमेटी पहले निदेशालय को एक करने पर अपने सुझाव देगी और दोनों को मिलाकर एक किया जाएगा। उसके बाद निचले क्षेत्र पर काम करना शुरू हो जाएगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षक संघ राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री से बात कर चुका है। यह भी जानकारी है कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति व्यवस्था को न छेड़ने का आश्वासन दिया लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ इससे संतुष्ट न होकर धरने पर बैठ गया और बुधवार को धरने का छठा दिन है।
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उप शिक्षा निदेशक प्राथमिक सोमलाल धीमान का कहना है कि सरकार के आदेशों का पालन करना हमारा कर्तव्य है। हमें सरकार और उच्च अधिकारियों की तरफ से जो भी आदेश होंगे उन्हें अमल में लाया जाएगा।
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प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का निदेशालय एक करने पर गुस्साए अध्यापक
प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा- सरकारी स्कूलों में 15 कक्षाओं की व्यवस्था एक व्यक्ति कैसे संभालेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से कहा कि शिक्षा निदेशालयों को मर्ज करने से पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर नहीं होगी। इसके लिए अध्यापकों की नियुक्ति करनी होगी। इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही।
संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा और महासचिव सत्येंद्र मिन्हास का कहना है कि यदि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए ऐसा कर रही है तो उसे एक कक्षा एक अध्यापक तैनात करना चाहिए। इसके बाद गुणवत्ता के लिए प्राथमिक शिक्षक जिम्मेदार होंगे। दूसरा जब एक हाई स्कूल या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ प्राथमिक पाठशालाएं अटैच होंगी तो कक्षा प्री नर्सरी सहित कक्षा एक से 12वीं तक 15 कक्षाओं को एक अधिकारी कैसे देख पाएगा। अधिकतर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में क्लर्क नहीं है। वह काम भी प्रधानाचार्य को ही करना पड़ रहा। वहीं, नई शिक्षा पद्धति 2020 के तहत केंद्र सरकार की ओर से सारा ढांचा दोबारा बनाया और कार्य ठीक चल रहा है। नई शिक्षा पद्धति में बच्चों को अलग-अलग तरीकों से पढ़ाया जा रहा। वह ढांचा भी अस्त-व्यस्त हो जाएगा। इसलिए सरकार से मांग करते हैं कि पुरानी व्यवस्था को न बदला जाए। जो परिवर्तन सरकार करना चाहती है, उसको भी सुचारु होने में कई साल लगेंगे। गुणवत्ता को देखते-देखते समय बीत जाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि जिले से भी अध्यापक शिमला में धरने के लिए जाएंगे। जब एक मकसद को लेकर चल पड़े हैं तो अब पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं।
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यह है मामला
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को उच्च शिक्षा निदेशालय में मर्ज करने की योजना बनाई है। इसमें कक्षा एक से 12वीं तक एक ही निदेशालय बनाने का प्रावधान है। इसके लिए सरकार की ओर से एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया। कमेटी पहले निदेशालय को एक करने पर अपने सुझाव देगी और दोनों को मिलाकर एक किया जाएगा। उसके बाद निचले क्षेत्र पर काम करना शुरू हो जाएगा। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षक संघ राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री से बात कर चुका है। यह भी जानकारी है कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति व्यवस्था को न छेड़ने का आश्वासन दिया लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ इससे संतुष्ट न होकर धरने पर बैठ गया और बुधवार को धरने का छठा दिन है।
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उप शिक्षा निदेशक प्राथमिक सोमलाल धीमान का कहना है कि सरकार के आदेशों का पालन करना हमारा कर्तव्य है। हमें सरकार और उच्च अधिकारियों की तरफ से जो भी आदेश होंगे उन्हें अमल में लाया जाएगा।