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स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन के लिए भूमि करें चिह्नित : धीमान
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शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को दिए निर्देश
ग्रामीण और शहरी स्कूलों में गार्डन बनाना अनिवार्य
भूमि उपलब्ध न होने की सूरत में गमले और स्कूल छत पर बनाएं गार्डन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को न्यूट्रीशन गार्डन बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण और शहरी स्कूलों के लिए सभी स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन बनाना अनिवार्य है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक सोम लाल धीमान ने बताया कि शिक्षा निदेशालय के आदेशों के तहत सभी स्कूल मुखिया को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वह अपने-अपने स्तर पर स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन बनाना सुनिश्चित करें, ताकि मिड-डे मील के तहत स्कूलों में दोपहर के भोजन में इसका इस्तेमाल किया जा सके। इस दिशा में सरकार के प्रयास हैं कि बच्चे स्कूलों में मिड-डे मील के खाने में उनकी पौष्टिक गुणवत्ता को और बढ़ाया जा सके। इस दिशा में प्रत्येक स्कूल में न्यूट्रीशन गार्ड बनाना अनिवार्य किया गया है। ऊना जिले में भी अधिकतर स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन स्थापित कर दिए गए हैं और जहां पर जगह की उपलब्धता नहीं है, वहां पर गमले या स्कूल की छत पर इस व्यवस्था को शुरू किया गया है ताकि गार्डन में विभिन्न प्रकार की पौष्टिक वस्तुएं तैयार करके मिड डे मील के दोपहर भोजन में उन्हें शामिल किया जा सके। जिले में वर्तमान में 482 प्राथमिक, 84 माध्यमिक और 45 उच्च स्कूलों के अलावा 141 सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। जहां पर हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन में स्थानीय समुदाय और स्कूल प्रबंधन समिति की भी सहभागिता सुनिश्चित की गई है ताकि संबंधित क्षेत्र से जुड़े पौष्टिक आहार को भी इसमें शामिल किया जा सके। जल्द ही स्कूलों का दौरा किया जाएगा और न्यूट्रीशन गार्डन के संबंध में धरातल पर रिपोर्ट तैयार करके प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को प्रेषित की जाएगी और स्कूल प्रबंधन समिति और संबंधित क्षेत्र के लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता दर्ज करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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ग्रामीण और शहरी स्कूलों में गार्डन बनाना अनिवार्य
भूमि उपलब्ध न होने की सूरत में गमले और स्कूल छत पर बनाएं गार्डन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को न्यूट्रीशन गार्डन बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण और शहरी स्कूलों के लिए सभी स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन बनाना अनिवार्य है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक सोम लाल धीमान ने बताया कि शिक्षा निदेशालय के आदेशों के तहत सभी स्कूल मुखिया को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वह अपने-अपने स्तर पर स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन बनाना सुनिश्चित करें, ताकि मिड-डे मील के तहत स्कूलों में दोपहर के भोजन में इसका इस्तेमाल किया जा सके। इस दिशा में सरकार के प्रयास हैं कि बच्चे स्कूलों में मिड-डे मील के खाने में उनकी पौष्टिक गुणवत्ता को और बढ़ाया जा सके। इस दिशा में प्रत्येक स्कूल में न्यूट्रीशन गार्ड बनाना अनिवार्य किया गया है। ऊना जिले में भी अधिकतर स्कूलों में न्यूट्रीशन गार्डन स्थापित कर दिए गए हैं और जहां पर जगह की उपलब्धता नहीं है, वहां पर गमले या स्कूल की छत पर इस व्यवस्था को शुरू किया गया है ताकि गार्डन में विभिन्न प्रकार की पौष्टिक वस्तुएं तैयार करके मिड डे मील के दोपहर भोजन में उन्हें शामिल किया जा सके। जिले में वर्तमान में 482 प्राथमिक, 84 माध्यमिक और 45 उच्च स्कूलों के अलावा 141 सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। जहां पर हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल न्यूट्रीशन गार्डन में स्थानीय समुदाय और स्कूल प्रबंधन समिति की भी सहभागिता सुनिश्चित की गई है ताकि संबंधित क्षेत्र से जुड़े पौष्टिक आहार को भी इसमें शामिल किया जा सके। जल्द ही स्कूलों का दौरा किया जाएगा और न्यूट्रीशन गार्डन के संबंध में धरातल पर रिपोर्ट तैयार करके प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को प्रेषित की जाएगी और स्कूल प्रबंधन समिति और संबंधित क्षेत्र के लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता दर्ज करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।