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चेक बाउंस मामले में तीन माह साधारण कारावास सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ऊना विवेक शर्मा की अदालत ने शनिवार को चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह साधारण कारावास सजा का फैसला सुनाया है। अदालत ने नौ लाख रुपये मुआवजा राशि शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता बैंक प्रबंधक राजेश कुमार के अधिवक्ता ऋषि भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2014 में सुरेंद्र पाल निवासी नया नंगल जिला रोपड़ पंजाब ने मकान बनाने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की भटोली शाखा से दस लाख रुपये का टर्म लोन लिया था। इस लोन को चुकाने के लिए उसने 8,73,023.35 रुपये का चेक शिकायतकर्ता को जारी किया था। इसे भुगतान के लिए शिकायतकर्ता ने बैंक शाखा में लगाया, लेकिन पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने सुरेंद्र पाल को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन उसने बैंक की धनराशि नहीं लौटाई। इस कारण शिकायतकर्ता को मजबूरन कोर्ट में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत सुरेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर करना पड़ा। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों के मद्देनजर आरोपी को चेक बाउंस मामले में दोषी पाया। अदालत ने तीन महीने के कारावास की सजा के साथ शिकायतकर्ता को नौ लाख रुपये मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।
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ऊना। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) ऊना विवेक शर्मा की अदालत ने शनिवार को चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह साधारण कारावास सजा का फैसला सुनाया है। अदालत ने नौ लाख रुपये मुआवजा राशि शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता बैंक प्रबंधक राजेश कुमार के अधिवक्ता ऋषि भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2014 में सुरेंद्र पाल निवासी नया नंगल जिला रोपड़ पंजाब ने मकान बनाने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की भटोली शाखा से दस लाख रुपये का टर्म लोन लिया था। इस लोन को चुकाने के लिए उसने 8,73,023.35 रुपये का चेक शिकायतकर्ता को जारी किया था। इसे भुगतान के लिए शिकायतकर्ता ने बैंक शाखा में लगाया, लेकिन पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
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इसके बाद शिकायतकर्ता ने सुरेंद्र पाल को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन उसने बैंक की धनराशि नहीं लौटाई। इस कारण शिकायतकर्ता को मजबूरन कोर्ट में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत सुरेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर करना पड़ा। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों के मद्देनजर आरोपी को चेक बाउंस मामले में दोषी पाया। अदालत ने तीन महीने के कारावास की सजा के साथ शिकायतकर्ता को नौ लाख रुपये मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।
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