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औद्योगिक इकाइयों और परिसरों को बनाएं अग्निरोधी : डीसी
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टाहलीवाल ( ऊना)। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष उपायुक्त जतिन लाल ने जिले में औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सरकार के दिशा-निर्देशों और आपदा प्रबंधन नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाने के लिए कहा है। उन्होंने जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और परिसरों को अग्निरोधी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उद्योग संचालकों को उनकी इकाइयों को इस प्रकार डिजाइन करने को कहा कि वे अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से सबके लिए सुरक्षित हों। उपायुक्त सोमवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से हरोली औद्योगिक एसोसिएशन के सहयोग से राजीव गांधी सुविधा केंद्र, बाथू के सभागार में अग्नि सुरक्षा, औद्योगिक खतरे तथा आपदा प्रबंधन योजना पर जागरूकता के लिए आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
जतिन लाल ने कहा कि ऊना में औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की कई दुखद दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें जानमाल के नुकसान का बड़ा खतरा उत्पन्न हुआ। ऐसे हादसों को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि उद्योग संचालकों और संबंधित विभागों में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से जागरूकता हो। ज्वलनशील पदार्थों को विशेष एहतियात से रखा जाए। सभी को अपने दायित्वों की जानकारी हो और अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रहे।
कचरा प्रबंधन का रखें ख्याल
उपायुक्त ने उद्योग संचालकों को कचरा प्रबंधन पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि अपनी कर्मभूमि का घर की तरह ही ख्याल रखें। औद्योगिक क्रियाकलापों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सजग रहें। कचरे का सही प्रबंधन करें। यह ध्यान रखें कि कूड़ा कचरा यहां वहां न फैले और वातावरण प्रदूषित न हो। उपायुक्त ने हरोली औद्योगिक एसोसिएशन से प्रशासन के समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। कार्यशाला में एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक इकाइयों में आग लगने के खतरों, सुरक्षा मानकों व बचाव के उपायों को लेकर जानकारी दी।
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इस अवसर पर एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर, संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, हरोली औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल के साथ एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयोजक सुमन चहल, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर भारत भूषण और नफीस खान मौजूद रहे।
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जतिन लाल ने कहा कि ऊना में औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की कई दुखद दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें जानमाल के नुकसान का बड़ा खतरा उत्पन्न हुआ। ऐसे हादसों को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि उद्योग संचालकों और संबंधित विभागों में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से जागरूकता हो। ज्वलनशील पदार्थों को विशेष एहतियात से रखा जाए। सभी को अपने दायित्वों की जानकारी हो और अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रहे।
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कचरा प्रबंधन का रखें ख्याल
उपायुक्त ने उद्योग संचालकों को कचरा प्रबंधन पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि अपनी कर्मभूमि का घर की तरह ही ख्याल रखें। औद्योगिक क्रियाकलापों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सजग रहें। कचरे का सही प्रबंधन करें। यह ध्यान रखें कि कूड़ा कचरा यहां वहां न फैले और वातावरण प्रदूषित न हो। उपायुक्त ने हरोली औद्योगिक एसोसिएशन से प्रशासन के समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। कार्यशाला में एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक इकाइयों में आग लगने के खतरों, सुरक्षा मानकों व बचाव के उपायों को लेकर जानकारी दी।
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इस अवसर पर एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर, संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान, हरोली औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल के साथ एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयोजक सुमन चहल, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर भारत भूषण और नफीस खान मौजूद रहे।