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महाशिवरात्रि : हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

Thu, 27 Feb 2025 12:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 12:25 AM IST
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Mahashivratri: Shivalaya echoes with 'Har Har Mahadev'
कोटला कलां ​शिव मंदिर में महा​शिवरात्री पर्व पर जल चढा़ते हुए ​शिवभक्त।संवाद
भक्तों ने अपना आराध्य देव के लिए रखा व्रत, जलाभिषेक कर मांगा आशीर्वाद
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श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को अर्पित किए बेलपत्र, धतूरा और भांग
दूरदराज से आए शिव भक्तों ने सुबह चार बजे से कतारों में खड़े होकर भगवान शिव को शीश नवाया

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना/बंगाणा/जोल/मैड़ी/टाहलीवाल/गगरेट/नंदपुर। जिलेभर के शिवालयों में बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व की धूम रही। हर-हर महादेव के जयकारों से शिवालय गूंज उठे। क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिरों महादेव मंदिर कोटला कलां, द्रोण मंदिर शिवबाड़ी गगरेट, ध्यूंसर महादेव मंदिर तलमेहड़ा, टाहलेश्वर महादेव मंदिर टाहलीवाल, बनौड़े महादेव मंदिर चताड़ा में रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजावट की गई। बुधवार सुबह 4:00 बजे से भक्तों ने मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करना शुरू किया और उसके बाद दिनभर यह सिलसिला जारी है। भक्तों ने भोलेनाथ को अति प्रिय बेलपत्र, आक, धतूरा और भांग अर्पित कर आशीर्वाद लिया। छोटे-बड़े, प्राचीन एवं पांडवकालीन मंदिरों में विवाह कथा सुनाई गई। भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कर रात्रि चार पहर की पूजा भी होगी। महाशिवरात्रि पर कई भक्तों ने दिनभर उपवास रखा और रात्रि में जागरण कर भगवान शिव की आराधना की। मंदिरों में भक्तों के लिए फलाहार और भोजन प्रसाद का प्रबंध भी किया गया।
जानकारी के अनुसार महादेव मंदिर कोटला कलां और द्रोण मंदिर शिवबाड़ी गगरेट के कपाट सुबह 4:00 बजे, ध्यूंसर महादेव मंदिर तलमेहड़ा सुबह 5:30 बजे, बनौड़े महादेव मंदिर बहडाला सुबह 3:30 बजे और टाहलेश्वर महादेव मंदिर टाहलीवाल सुबह 4:00 बजे भक्तों के लिए खुले। प्राचीन विख्यात मंदिरों में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात को सुचारु रखने के लिए भी मौके पर जवान तैनात रहे। लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र द्रोण महादेव शिव मंदिर शिवबाड़ी में पवित्र पिंडी का जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए शिव भक्तों की सुबह से लगी कतारें देर शाम तक भी नहीं टूटीं। द्रोण महादेव शिव मंदिर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचे। यहां आपात स्थिति से निपटने के मेडिकल स्टाफ की तैनाती रही।
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बंगाणा क्षेत्र के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सदाशिव ध्यूंसर महादेव मंदिर तलमेहड़ा में मंगलवार सुबह से बड़ी संख्या में भक्तों का आना शुरू हुआ। भक्तों की लंबी कतार मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच गई। यहां प्रसिद्ध गायक संजय सांवरिया सहित अन्य टीम सदस्यों की ओर से शिव महिमा का गुणगान किया। तलमेहड़ा की महादेव नगरी भोलेनाथ के उद्घोषों से गूंज उठी। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही देवालय में जाकर लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। सदाशिव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया कि मंदिर में जो शिवलिंग विराजमान है, वह स्वयंभू है। यानी जमीन से खुद प्रकट हुए। मंदिर में हर साल शिवरात्रि पर चार पहर विशेष पूजा-अर्चना होती है। प्रवीण शर्मा ने कहा कि मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और श्रद्धा से मंदिर में पूजा-अर्चना करता है, भगवान शिव उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। वहीं, प्राचीन ध्यूंसर सदाशिव मंदिर तलमेहडा के गलुआ में गांव बड़ोआ से शर्मा परिवार की ओर से खीर एवं फलों के भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में 1000 से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। गलुआ से सदा शिव मंदिर के मुख्य मार्ग से गुजरते हुए सैकड़ों भक्तों ने भंडारे के भोग को स्वीकार किया।
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शिव मंदिर चक्क में धूमधाम से मनाया महाशिवरात्रि के पर्व
बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत बेहड़ जस्वां के गांव चक्क के शिव मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े धुमधाम से मनाया गया। यहां प्राचीन शिव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर कमेटी की ओर से भक्तों के लिए फलाहार के भंडारे का आयोजन किया। मंदिर के पुजारी पंडित ओम प्रकाश ने बताया कि शिवरात्रि का व्रत करने और चार पहर पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, कटोहड़ कलां के प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। कुठियाड़ी-बीजापुर के प्रसिद्ध द्रोणशिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर विशेष अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने रुद्राष्टक और शिवतांडव स्तोत्र का पाठ किया। रात्रि में शिव की बरात निकाली गई, जिसमें भक्तों ने नाच-गाने के साथ हिस्सा लिया। उधर, ठठल के शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने शिव पुराण की कथा सुनाई।

प्राचीन शिव मंदिर बड़ूही में हवन और वेद मंत्रों के साथ धार्मिक आयोजन किया।
तहसीलदार अंब ने शिव मंदिर मैड़ी में शीश निभाया
शिवरात्रि के उपलक्ष्य पर तहसीलदार अंब प्रेम धीमान ने शिव मंदिर मैड़ी में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पंचायत प्रधान रीना कुमारी, कानूनगो अच्छर राम, पूर्व कानूनगो किशोरी लाल, पूर्व अध्यापक प्यारा राम, पूर्व प्रधान रजनीश शर्मा, गुरनाम आदि मौजूद रहे।

कोटला कलां शिव मंदिर में महाशिवरात्री पर्व पर जल चढा़ते हुए शिवभक्त।संवाद

कोटला कलां शिव मंदिर में महाशिवरात्री पर्व पर जल चढा़ते हुए शिवभक्त।संवाद

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