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साहित्य ही समाज का दर्पण : नीलम
Sun, 14 Jul 2024 02:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 14 Jul 2024 02:26 AM IST
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ज़िला स्तरीय गुलेरी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल व अन्य।स
ऊना। भाषा एवं संस्कृति विभाग ऊना की ओर से जिला स्तरीय गुलेरी जयंती का आयोजन जिला परिषद के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी साहित्यकारों ने मां सरस्वती की वंदना करते हुए दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने की तथा मंच संचालन ओम देवी सैनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला के लगभग 40 कवियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित था। प्रथम सत्र में डॉ. जयचंद महलवाल द्वारा गुलेरी के साहित्य एवं जीवन वृत्त से संबंधित विषय पर पत्र वाचन किया गया। दूसरे सत्र में कवियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित कविता पाठ किया। इसमें डॉ. बाल कृष्ण सोनी, कुंदन लाल शर्मा, केएल बैंस, ओम देवी सैनी, डॉ. देव कला शर्मा, रचना रानी, संदीप खड़वाल, रविंद्र चंदेल कमल, डॉ. जयचंद महलवाल, दीपक शर्मा, स्वप्ना जसवाल, अनिल जसवाल, ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. योगेश चन्द्र सूद, रामकृष्ण भट्टी, ओपी डांग, अशोक कालिया, रामपाल शर्मा, कृष्ण कुमार लद्दाखी, देवराज हीरा, प्रकाश चंद मेहराम, अश्वनी शर्मा, राज कुमार कुटलैहड़िया, सिकंदर, शिवानी, रजनी, हरसिमरन सुनील सूरी, राज कुमार ठाकुर, राजेन्द्र कुमार कौशल आदि सभी ने कविता पाठ किया।
कार्यक्रम के अंत में नीलम चंदेल जिला भाषा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कवि समाज को सम सामयिक विषयों से अवगत कराता है तथा अपनी लेखनी द्वारा समाज में फैली कुरीतियों पर करारी चोट करता है तथा साहित्य ही समाज का दर्पण होता है। उन्होंने चंद्रधर शर्मा गुलेरी के शिल्प विधान पर विस्तृत रूप से जानकारी दी और साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं से भी अवगत करवाया।
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कार्यक्रम दो सत्रों में विभाजित था। प्रथम सत्र में डॉ. जयचंद महलवाल द्वारा गुलेरी के साहित्य एवं जीवन वृत्त से संबंधित विषय पर पत्र वाचन किया गया। दूसरे सत्र में कवियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित कविता पाठ किया। इसमें डॉ. बाल कृष्ण सोनी, कुंदन लाल शर्मा, केएल बैंस, ओम देवी सैनी, डॉ. देव कला शर्मा, रचना रानी, संदीप खड़वाल, रविंद्र चंदेल कमल, डॉ. जयचंद महलवाल, दीपक शर्मा, स्वप्ना जसवाल, अनिल जसवाल, ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. योगेश चन्द्र सूद, रामकृष्ण भट्टी, ओपी डांग, अशोक कालिया, रामपाल शर्मा, कृष्ण कुमार लद्दाखी, देवराज हीरा, प्रकाश चंद मेहराम, अश्वनी शर्मा, राज कुमार कुटलैहड़िया, सिकंदर, शिवानी, रजनी, हरसिमरन सुनील सूरी, राज कुमार ठाकुर, राजेन्द्र कुमार कौशल आदि सभी ने कविता पाठ किया।
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कार्यक्रम के अंत में नीलम चंदेल जिला भाषा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि कवि समाज को सम सामयिक विषयों से अवगत कराता है तथा अपनी लेखनी द्वारा समाज में फैली कुरीतियों पर करारी चोट करता है तथा साहित्य ही समाज का दर्पण होता है। उन्होंने चंद्रधर शर्मा गुलेरी के शिल्प विधान पर विस्तृत रूप से जानकारी दी और साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं से भी अवगत करवाया।
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