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Una News: खंडहर में तब्दील हो गई कुटलैहड़ की धरोहर

Tue, 13 Jan 2026 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 13 Jan 2026 12:29 AM IST
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Kutlahar's heritage has turned into ruins.
लठियाणी(ऊना)। ऊना एवं हमीरपुर की सरहद पर स्थित सोलहसिंगी धार के किले किसी जमाने में पाकिस्तान के लाहौर तक प्रसिद्ध थे। कहा जाता है कि कुटलैहड़ क्षेत्र की सोलहसिंगी धार पर स्थित किलों में दूरबीन की सहायता से पाकिस्तान का लाहौर शहर दिखाई देता है लेकिन सरकारी उपेक्षा के चलते इस प्राचीन धरोहर का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। सोलहसिंगी धार के गोपाल दास, अवतार सिंह, हरकेश कुमार, ताराचंद, गुरनाम सिंह, मोहन सिंह, कांता देवी, जानकी देवी, रजनी, किरण कुमारी, आशा देवी, सुदेश कुमारी, रक्षा, ज्योति शर्मा, उषा ठाकुर, अंजू कुमारी तथा सीता देवी का कहना है कि महाराजा रणजीत सिंह ने इन किलों का निर्माण सूबे की रक्षा के लिए करवाया था। इन किलों का रहस्य जानने के लिए बाहरी राज्यों से पर्यटक भी यहां पर पहुंचते हैं। प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने कुटलैहड़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मंचों से बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं। वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार की ओर से अपने शासनकाल में सोलहसिंगी धार पर स्थित इन किलों के जीर्णोद्धार के लिए 50 लाख की राशि भी जारी की थी। इसमें किलों के रास्ते तथा किलों के अंदर चक्के लगाने पर कुछ राशि खर्च भी की गई है। बावजूद इसके इन किलों की हकीकत यह है कि आज भी ये किले खंडहर में तब्दील हैं। लोगों के मुताबिक यदि इन किलों का वास्तव में जीर्णोद्धार किया जाता है तो कुटलैहड़ क्षेत्र अवश्य ही पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा जिससे क्षेत्र के कई युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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