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जल दोहन और पुनर्भरण में संतुलन बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी : अग्निहोत्री

Wed, 26 Feb 2025 12:20 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 12:20 AM IST
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It is our responsibility to maintain balance between water exploitation and recharge: Agnihotri
संत ढांगू वाले गुज्जर राजकीय महाविद्यालय बीटन के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में सम्बोधन देत - फोटो : अनिल गुजराती की फाइल फोटो ।
उपमुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बीटन के वार्षिक समारोह में मुख्यातिथि के रूप में की शिरकत
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली (ऊना)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश में जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पारंपरिक जलस्रोतों का पुनरुद्धार और संरक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये जलस्रोत न केवल भू-जल स्तर बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि जल संकट के समाधान में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल दोहन और पुनर्भरण में संतुलन बनाए रखना हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है। सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठा रही है। अग्निहोत्री ने मंगलवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के संत ढांगू वाले गुज्जर राजकीय महाविद्यालय बीटन के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए यह उद्गार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसमें जनभागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों के सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे जल संचयन को बढ़ावा दें और पारंपरिक जल स्रोतों, तालाबों, बावड़ियां को पुनर्जीवित करने में सक्रिय सहयोग करें।
उन्होंने अकादमिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को 51 हजार देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विस क्षेत्र शिक्षा का क्रांतिकारी दौर देख रहा है। शिक्षण संस्थानों में खेल मैदानों के सुधार और विकास कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं। बीटन, खड्ड और हरोली में कॉलेज खोलने का मकसद ग्रामीण इलाकों में शिक्षा को मजबूत करना था। विशेषकर लड़कियों को घर के समीप बेहतर शिक्षा का अवसर देना था। इनका काफी हद तक लाभ हुआ है। यहां से पढ़े बच्चे-बच्चियां देश दुनिया में नाम कमा रहे हैं।
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80 करोड़ की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना- 2

बीत क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये की लागत से बीत क्षेत्र सिंचाई योजना- 2 का निर्माण किया जा रहा है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए हर गांव में ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। जहां फसल की बात नहीं होती थी आज के दौर में अनाज, फल, सब्जियां पैदा हो रही हैं। इसके अलावा करीब 66 करोड़ रुपये पानी के पाइपों पर खर्चे जा रहे हैं। हरोली विस में 50 लाख लीटर पानी की क्षमता वाला टैंक पोलियां में और 25 लाख लीटर का टैंक दुलैहड़ में बनाया गया है।
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