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Una News: तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों में आईपीडी सेवा होगी शुरू
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विभाग ने उच्च अधिकारियों को भेजा प्रस्ताव
वर्तमान में आईपीडी की सुविधा न होने से मरीजों को नहीं किया जाता है दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों में आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए आयुष विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्तमान में इन अस्पतालों में मरीज को दाखिल करने की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीज को मजबूरन उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए आयुष विभाग ने उच्च अधिकारियों को आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए अस्पतालों में प्रयुक्त स्टाफ की तैनाती को लेकर मांग उठाई है। जिला में आयुष विभाग की तरफ से पांच आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इनमें से तीन अस्पतालों में आईपीडी की सुविधा नहीं है। हालांकि, अस्पतालों में दिन के समय चिकित्सक मरीज का उपचार करते हैं लेकिन अगर किसी मरीज को दाखिल करना पड़े तो उसकी व्यवस्था इन अस्पतालों में नहीं है। ऐसे में मरीज को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल या फिर आयुर्वेदिक अस्पताल ईसपुर का रुख करना पड़ता है। इन तीनों अस्पतालों में दस बेड की क्षमता है। इसका क्षेत्र के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अगर किसी मरीज को उपचार के दौरान दाखिल करना पड़े तो 20 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर जिला अस्पताल ऊना ही आना पड़ता है। इससे मरीज व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए जिला आयुष विभाग ने उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है।
विशेषज्ञों की तैनाती की भी उठाई मांग
आयुर्वेदिक अस्पतालों में विशेषज्ञों की तैनाती की मांग भी उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाई गई है। विभाग ने स्त्री रोग विशेषज्ञ, काय चिकित्सक व अन्य चिकित्सकों की तैनाती की मांग रखी है ताकि हर आयुर्वेदिक अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
कोट्स
जिल के तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों को आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा विशेषज्ञों की तैनाती की मांग भी उठाई गई है।
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डाॅ. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना
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वर्तमान में आईपीडी की सुविधा न होने से मरीजों को नहीं किया जाता है दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों में आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए आयुष विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्तमान में इन अस्पतालों में मरीज को दाखिल करने की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीज को मजबूरन उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए आयुष विभाग ने उच्च अधिकारियों को आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए अस्पतालों में प्रयुक्त स्टाफ की तैनाती को लेकर मांग उठाई है। जिला में आयुष विभाग की तरफ से पांच आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इनमें से तीन अस्पतालों में आईपीडी की सुविधा नहीं है। हालांकि, अस्पतालों में दिन के समय चिकित्सक मरीज का उपचार करते हैं लेकिन अगर किसी मरीज को दाखिल करना पड़े तो उसकी व्यवस्था इन अस्पतालों में नहीं है। ऐसे में मरीज को जिला आयुर्वेदिक अस्पताल या फिर आयुर्वेदिक अस्पताल ईसपुर का रुख करना पड़ता है। इन तीनों अस्पतालों में दस बेड की क्षमता है। इसका क्षेत्र के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। अगर किसी मरीज को उपचार के दौरान दाखिल करना पड़े तो 20 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर जिला अस्पताल ऊना ही आना पड़ता है। इससे मरीज व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए जिला आयुष विभाग ने उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है।
विशेषज्ञों की तैनाती की भी उठाई मांग
आयुर्वेदिक अस्पतालों में विशेषज्ञों की तैनाती की मांग भी उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाई गई है। विभाग ने स्त्री रोग विशेषज्ञ, काय चिकित्सक व अन्य चिकित्सकों की तैनाती की मांग रखी है ताकि हर आयुर्वेदिक अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
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कोट्स
जिल के तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों को आईपीडी की सुविधा शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा विशेषज्ञों की तैनाती की मांग भी उठाई गई है।
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डाॅ. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना