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2.57 फैक्टर के बजाए पंजाब की तर्ज पर दी जाए पेंशन
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ऊना/नारी। हिमाचल पेंशनर्स संघ जिला इकाई की बैठक प्रधान राज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में ऊना में हुई। बैठक में संघ के प्रदेश संरक्षक उमेश भारद्वाज ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक में प्रदेश वित्त सचिव ओमराज कंवर भी मौजूद रहे।
बैठक में हाल ही में दिवंगत सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार से पंजाब की तर्ज पर पेंशन देने की मांग उठाई है। जबकि सरकार ने 2.57 का फैक्टर लगाया है, जोसही नहीं है। पंजाब सरकार ने अपने पेंशनरों को 5, 10, 15 प्रतिशत का लाभ नए वेतनमान की तर्ज पर दिया है, लेकिन हिमाचल में पुराने मूल वेतन के आधार पर ही दिया जा रहा है। यह मामला काफी समय से उठाया जा रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह पेेंशनरों को ज्वलंत मामला है, इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
इसके अतिरिक्त दो साल के बाद एलटीसी के रूप में पेंशनर को एक पेंशन अतिरिक्त पंजाब में दी जा रही है, परंतु यहां इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 01 जनवरी 2016 के उपरांत सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को 5,10 और 15 का लाभ दिए जाने का कोई भी जिक्र नहीं है। हिमाचल में चिकित्सा भत्ते को भी प्रतिमाह कम से कम दो हजार रुपये निश्चित किया जाए। सदस्यों ने प्रथम जनवरी 2016 से बकाया राशि का भुगतान करने की भी सरकार से अपील की।
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जिला प्रधान राज कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी निष्क्रिय है, जिससे सदस्यों में रोष है। संघ के राज्य संरक्षक रमेश भारद्वाज ने कहा कि संघ के आने वाले चुनाव में नई पीढ़ी को आगे लाया जाएगा। जिला के पेंशनरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसके प्रभारी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राममूर्ति को बनाया गया है।
पेंशनरों ने किया ओपीएस का समर्थन
हिमाचल पेेंशनर्स संघ ने ओपीएस का समर्थन किया। उन्होंने एनपीएस कर्मचारियों को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया है कि इस मांग को लेकर कोई रास्ता निकालें। ताकि इस वर्ग को भी राहत मिल सके।
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बैठक में हाल ही में दिवंगत सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार से पंजाब की तर्ज पर पेंशन देने की मांग उठाई है। जबकि सरकार ने 2.57 का फैक्टर लगाया है, जोसही नहीं है। पंजाब सरकार ने अपने पेंशनरों को 5, 10, 15 प्रतिशत का लाभ नए वेतनमान की तर्ज पर दिया है, लेकिन हिमाचल में पुराने मूल वेतन के आधार पर ही दिया जा रहा है। यह मामला काफी समय से उठाया जा रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह पेेंशनरों को ज्वलंत मामला है, इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
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इसके अतिरिक्त दो साल के बाद एलटीसी के रूप में पेंशनर को एक पेंशन अतिरिक्त पंजाब में दी जा रही है, परंतु यहां इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 01 जनवरी 2016 के उपरांत सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को 5,10 और 15 का लाभ दिए जाने का कोई भी जिक्र नहीं है। हिमाचल में चिकित्सा भत्ते को भी प्रतिमाह कम से कम दो हजार रुपये निश्चित किया जाए। सदस्यों ने प्रथम जनवरी 2016 से बकाया राशि का भुगतान करने की भी सरकार से अपील की।
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जिला प्रधान राज कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी निष्क्रिय है, जिससे सदस्यों में रोष है। संघ के राज्य संरक्षक रमेश भारद्वाज ने कहा कि संघ के आने वाले चुनाव में नई पीढ़ी को आगे लाया जाएगा। जिला के पेंशनरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसके प्रभारी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राममूर्ति को बनाया गया है।
पेंशनरों ने किया ओपीएस का समर्थन
हिमाचल पेेंशनर्स संघ ने ओपीएस का समर्थन किया। उन्होंने एनपीएस कर्मचारियों को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया है कि इस मांग को लेकर कोई रास्ता निकालें। ताकि इस वर्ग को भी राहत मिल सके।