{"_id":"66f6ae0a9953f3c4a209a305","slug":"in-many-places-in-the-district-there-was-rain-relief-from-heat-damage-to-maize-una-news-c-93-1-ssml1048-134141-2024-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: जिले में कई जगह हुई बारिश, गर्मी से मिली निजात, मक्की को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: जिले में कई जगह हुई बारिश, गर्मी से मिली निजात, मक्की को नुकसान
Fri, 27 Sep 2024 06:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 27 Sep 2024 06:37 PM IST
विज्ञापन
आलू की फसल के लिए राहत की फुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/बंगाणा। जिला में वीरवार सुबह कई स्थानों पर बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक आई है। फसलों के लिहाज से यह बारिश लाभकारी भी रही और नुकसानदायक भी। आलू की फसल में जहां बारिश होने पर सिंचाई करने से कुछ दिन की राहत मिली।
वहीं, बंगाणा, अंब और गगरेट क्षेत्र के कई गांवों में इस समय मक्की की कटाई चली हुई है। कटाई के बीच बारिश का होना काफी नुकसानदायक माना जा रहा। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह अधिक बारिश गगरेट और अंब के इलाकों में हुई। वहीं, अन्य जगह भी कुछ देर के लिए बादल बरसे, जिससे ठंडी हवाएं चलने लगीं। लोगों को कई दिन बाद गर्मी भरे मौसम से राहत मिल पाई। जिले का तापमान सितंबर माह में भी 35 डिग्री के आसपास चल रहा है। सितंबर में ऐसा मौसम कई साल बाद देखने को नहीं मिला। लोगों को सुबह के साथ रात के समय भी गर्मी का अहसास हो रहा है। इस बीत वीरवार की बारिश के बाद मौसम में ठंडक आई है।
किसानों के लिए आफत
वहीं, बंगाणा क्षेत्र में इस समय मक्की की कटाई शुरू हो चुकी। कुछ स्थानों पर किसानों ने मक्की की कटाई शुरू कर दी है, जिससे कुछ किसानों की फसल खेतों में पड़ी हुई है। परन्तु अचानक तेज बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ रही है। क्षेत्र में बुधवार दोपहर से लगातार बारिश जारी रही, जिससे गर्मी से राहत जरूर मिली, परन्तु किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। पहले सूखे की मार, फिर सुंडी रोग, उसके बाद जंगली जानवरों का कहर और अब जब मक्की की कटाई शुरू हो गई तो बारिश का कहर। किसानों में राम पाल सौंखला, शशि पाल, अमर सिंह, अमन ठाकुर, भूपेंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, जगरनाथ, राधेश्याम, नरेंद्र ठाकुर, सुरेन्द्र ठाकुर, सोम नाथ, सुरेश ठाकुर, रवि शर्मा, विजय शर्मा सहित अन्य किसानों ने कहा कि अब किसान क्या करें। अगर दो दिन और इसी तरह से बारिश होती रही, तो खेतों में काटकर रखी फसल खराब हो जाएगी। दूसरी ओर आलू की फसल के लिए बारिश का होना बड़ी राहत माना जा रहा।
विज्ञापन
उधर, उपमंडल कृषि विभाग बंगाणा के एसएमएस डाॅ. सतपाल धीमान का कहना है कि इसी तरह से बारिश का क्रम जारी रहा तो मक्की की फसल को नुकसान हो सकता है। अभी तक फिलहाल फील्ड से नुकसान के बारे में जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना/बंगाणा। जिला में वीरवार सुबह कई स्थानों पर बारिश हुई, जिससे मौसम में ठंडक आई है। फसलों के लिहाज से यह बारिश लाभकारी भी रही और नुकसानदायक भी। आलू की फसल में जहां बारिश होने पर सिंचाई करने से कुछ दिन की राहत मिली।
वहीं, बंगाणा, अंब और गगरेट क्षेत्र के कई गांवों में इस समय मक्की की कटाई चली हुई है। कटाई के बीच बारिश का होना काफी नुकसानदायक माना जा रहा। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह अधिक बारिश गगरेट और अंब के इलाकों में हुई। वहीं, अन्य जगह भी कुछ देर के लिए बादल बरसे, जिससे ठंडी हवाएं चलने लगीं। लोगों को कई दिन बाद गर्मी भरे मौसम से राहत मिल पाई। जिले का तापमान सितंबर माह में भी 35 डिग्री के आसपास चल रहा है। सितंबर में ऐसा मौसम कई साल बाद देखने को नहीं मिला। लोगों को सुबह के साथ रात के समय भी गर्मी का अहसास हो रहा है। इस बीत वीरवार की बारिश के बाद मौसम में ठंडक आई है।
विज्ञापन
किसानों के लिए आफत
वहीं, बंगाणा क्षेत्र में इस समय मक्की की कटाई शुरू हो चुकी। कुछ स्थानों पर किसानों ने मक्की की कटाई शुरू कर दी है, जिससे कुछ किसानों की फसल खेतों में पड़ी हुई है। परन्तु अचानक तेज बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ रही है। क्षेत्र में बुधवार दोपहर से लगातार बारिश जारी रही, जिससे गर्मी से राहत जरूर मिली, परन्तु किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। पहले सूखे की मार, फिर सुंडी रोग, उसके बाद जंगली जानवरों का कहर और अब जब मक्की की कटाई शुरू हो गई तो बारिश का कहर। किसानों में राम पाल सौंखला, शशि पाल, अमर सिंह, अमन ठाकुर, भूपेंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, जगरनाथ, राधेश्याम, नरेंद्र ठाकुर, सुरेन्द्र ठाकुर, सोम नाथ, सुरेश ठाकुर, रवि शर्मा, विजय शर्मा सहित अन्य किसानों ने कहा कि अब किसान क्या करें। अगर दो दिन और इसी तरह से बारिश होती रही, तो खेतों में काटकर रखी फसल खराब हो जाएगी। दूसरी ओर आलू की फसल के लिए बारिश का होना बड़ी राहत माना जा रहा।
विज्ञापन
उधर, उपमंडल कृषि विभाग बंगाणा के एसएमएस डाॅ. सतपाल धीमान का कहना है कि इसी तरह से बारिश का क्रम जारी रहा तो मक्की की फसल को नुकसान हो सकता है। अभी तक फिलहाल फील्ड से नुकसान के बारे में जानकारी नहीं है।