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Una News: चेक बाउंस मामले में दोषी को 6 महीने कारावास की सजा और 3 लाख रुपये जुर्माना
Sat, 06 Jul 2024 01:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 06 Jul 2024 01:49 AM IST
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ऊना। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी धीरज कुमार गांव नंगल संलागड़ी तहसील और जिला ऊना को दोषी ठहराते हुए छह महीने का साधारण कारावास और 3 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषी ने अगस्त 2020 में जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता पंकज शर्मा निवासी गांव बसाल से 2 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। वहीं, एक महीने में लौटने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध के बाद भी दोषी ने पैसे वापस न दिए। बाद में अक्टूबर 2020 में दोषी धीरज कुमार ने शिकायतकर्ता को अपनी देनदारी के भुगतान की एवज में 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक जारी किया, जिसको शिकायतकर्ता ने भुगतान के लिए अपने बैंक में लगाया। यह चेक पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया, जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने दोषी को दी और कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से दोषी को कानूनी नोटिस भेजा। इसका दोषी ने कोई जवाब न दिया और मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत दोषी के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी और न्यायालय ने सभी सबूत और गवाहों के बयान का गहनता से अवलोकन करने के बाद दोषी के खिलाफ अपराध का सिद्ध होना पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।
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दोषी ने अगस्त 2020 में जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता पंकज शर्मा निवासी गांव बसाल से 2 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। वहीं, एक महीने में लौटने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध के बाद भी दोषी ने पैसे वापस न दिए। बाद में अक्टूबर 2020 में दोषी धीरज कुमार ने शिकायतकर्ता को अपनी देनदारी के भुगतान की एवज में 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक जारी किया, जिसको शिकायतकर्ता ने भुगतान के लिए अपने बैंक में लगाया। यह चेक पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया, जिसकी जानकारी शिकायतकर्ता ने दोषी को दी और कोई संतोषजनक उत्तर न मिलने के कारण शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से दोषी को कानूनी नोटिस भेजा। इसका दोषी ने कोई जवाब न दिया और मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत दोषी के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी और न्यायालय ने सभी सबूत और गवाहों के बयान का गहनता से अवलोकन करने के बाद दोषी के खिलाफ अपराध का सिद्ध होना पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।
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