फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   High electricity costs compound difficulties for industries; new investment in Haroli faces uncertainty.

Una News: महंगी बिजली ने बढ़ाई उद्योगों की मुश्किलें, हरोली में नए निवेश पर संकट

Sat, 19 Sep 2026 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 19 Sep 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
High electricity costs compound difficulties for industries; new investment in Haroli faces uncertainty.
टाहलीवाल (ऊना)। हरोली को प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की कवायद के बीच बाथू-बाथड़ी-टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती उत्पादन लागत ने उद्योग जगत की चिंता बढ़ा दी है। हरोली ब्लॉक इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी से उत्पादन महंगा हुआ है। इसका असर मौजूदा इकाइयों के संचालन के साथ-साथ नए निवेश पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन

एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में इस समय करीब 150 छोटी, मध्यम और बड़ी इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। पिछले 10 से 15 वर्षों में अनुमानित 40 से 50 इकाइयां बंद हो चुकी हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद उद्योगों का यह आंकड़ा अनुमान पर आधारित है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन

उद्योगों की लागत में बिजली की अहम हिस्सेदारी है। दरों में लगातार बढ़ोतरी के कारण उत्पादन खर्च बढ़ा है। ऐसे में निवेशक किसी नए उद्योग के लिए स्थान तय करते समय विभिन्न राज्यों में बिजली और अन्य खर्चों की तुलना करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल में उत्पादन लागत दूसरे राज्यों से अधिक रही तो नए निवेश को आकर्षित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने माल ढुलाई और जीएसटी से जुड़ी लागत को भी उद्योगों के लिए चुनौती बताया। इन खर्चों के बढ़ने से उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता और उद्योगों के मुनाफे पर असर पड़ने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ने से केवल उद्योगों को ही लाभ नहीं होता बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ती हैं। परिवहन, कारोबार और छोटे दुकानदारों को भी इसका फायदा मिलता है। राकेश कौशल ने सरकार से बाथू-बाथड़ी-टाहलीवाल की बंद औद्योगिक इकाइयों का विशेष सर्वे कराने की मांग की है। सर्वे में इकाइयों के बंद होने का समय, कारण और उन्हें दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी सहायता का ब्योरा जुटाने की मांग की गई है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed