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Una News: एनएच के किनारे अतिक्रमण से खतरे में बेबस राहगीर
Thu, 03 Sep 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:35 PM IST
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ऊना। शहर में सड़कों के किनारे अतिक्रमण पर लगाम नहीं लग पा रही है। जिला मुख्यालय पर ही चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमकर अतिक्रमण हो रहा है। इससे आए दिन कोई हादसा होने का खतरा बना रहता है।
इसे लेकर हाल ही में विधानसभा में सड़क अवसरंचना सरंक्षण संशोधन विधेयक पेश होने पर लोगों ने इसे सख्ती से धरातल पर लागू करने की मांग उठाई है।
शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल चंडीगढ़-धर्मशाला एनएच पर कई जगह सड़क किनारे निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखा दिखाई देता है। दुकानों के बाहर रखे बोर्ड, सामान और अन्य सामग्री के कारण राहगीरों को सड़क के किनारे चलने के बजाय मुख्य सड़क की ओर आना पड़ता है।
ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल चलने वालों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। अतिक्रमण के साथ एनएच किनारे बेतरतीब पार्किंग भी बड़ी समस्या बन गई है। कई जगह वाहन सड़क के किनारे खड़े रहने से पहले ही सीमित सड़क स्थान और कम हो जाता है।
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व्यस्त समय में वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर स्थिति और खराब हो जाती है। इससे जाम की स्थिति बनने के साथ दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
अतिरिक्त उपायुक्त ऊना इंशात जसवाल ने कहा कि सड़क अवसरंचना सरंक्षण संशोधन विधेयक के तहत आगामी समय में जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे। उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
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इसे लेकर हाल ही में विधानसभा में सड़क अवसरंचना सरंक्षण संशोधन विधेयक पेश होने पर लोगों ने इसे सख्ती से धरातल पर लागू करने की मांग उठाई है।
शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल चंडीगढ़-धर्मशाला एनएच पर कई जगह सड़क किनारे निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखा दिखाई देता है। दुकानों के बाहर रखे बोर्ड, सामान और अन्य सामग्री के कारण राहगीरों को सड़क के किनारे चलने के बजाय मुख्य सड़क की ओर आना पड़ता है।
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ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल चलने वालों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। अतिक्रमण के साथ एनएच किनारे बेतरतीब पार्किंग भी बड़ी समस्या बन गई है। कई जगह वाहन सड़क के किनारे खड़े रहने से पहले ही सीमित सड़क स्थान और कम हो जाता है।
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व्यस्त समय में वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर स्थिति और खराब हो जाती है। इससे जाम की स्थिति बनने के साथ दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
अतिरिक्त उपायुक्त ऊना इंशात जसवाल ने कहा कि सड़क अवसरंचना सरंक्षण संशोधन विधेयक के तहत आगामी समय में जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे। उसी के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।