बिजली गुल; खंभे गिरे, पेड़ भी धराशायी
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जिले में मंगलवार देर रात चले तेज तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। आंधी के चलते जहां दर्जनों दुकानों के बोर्ड हवा में उड़ गए। वहीं, जिला मुख्यालय के रामपुर, हमीरपुर रोड और टक्का सहित गगरेट, चिंतपूर्णी, बंगाणा में भी कई पेड़ गिरने से बिजली बोर्ड के करीब एक दर्जन से अधिक खंभे टूट गए। वहीं, विद्युत ट्रांसफार्मरों तथा 33 केवी लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इससे ऊना और गगरेट डिवीजन में विद्युत बोर्ड को करीब 18 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। हालत ऐसी रही कि देर शाम से बंद हुई बिजली आपूर्ति अधिकांश इलाकों में बुधवार बाद दोपहर तक सुचारु की जा सकी।
रात भर जिले का ग्रामीण इलाका अंधेरे में डूबा रहा। हालांकि, भारी बारिश के बाद लोगों ने गर्मी से काफी राहत महसूस की। बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट के चलते पारा 23 डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं, रात भर चली ठंडी हवाओं और करीब दो बजे हुई भारी बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। लेकिन, बुधवार सुबह नौकरी पेशा लोगों और छात्रों को बिजली न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह पहला मौका नहीं है जब आंधी और बारिश के बाद बिजली बोर्ड के होश फाख्ता न हुए हों। जिले में ऐसे कई इलाके हैं जहां कुछ देर अंधड़ आदि चलने के बाद लोगों को पूरी रात बिना बिजली के गर्मी और मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ती है।
आंधी के बाद मरम्मत कार्य में जुटे बिजली बोर्ड के कर्मचारी मंगलवार रात तक ऊना मुख्यालय और उसके आसपास कुछ गांवों के अलावा जिले के प्रमुख कस्बों में ही बिजली आपूर्ति बहाल कर सके। जबकि, शेष ग्रामीण इलाका पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा। आंधी से गिरे बिजली बोर्ड के खंभों को बुधवार दोपहर को ही बदला गया, जिसके बाद सप्लाई सुचारु की जा सकी। उधर विद्युत बोर्ड के एक्सईएन अश्वनी कुमार ने बताया कि देर रात आंधी और बारिश से पेड़ गिरने से विद्युत बोर्ड के कई जगह पर खंभे तथा लाइनें टूट गईं। इससे विद्युत बोर्ड को लाखों का नुकसान हुआ है।