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Una News: तीन साल में भवन तैयार, मशीनें आज तक गायब, अब आधुनिक मशीनरी की तैयारी
Wed, 07 Oct 2026 01:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:08 AM IST
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ऊना एचआरटीसी वर्कशॉप परिसर में बना टायर रिट्रेड प्लांट का भवन। संवाद
- फोटो : 1
ऊना। करोड़ों रुपये खर्च कर भवन खड़ा कर दिया, तीन साल का समय भी बीत गया लेकिन ऊना डिपो की बसों के टायरों को रिट्रेडिंग की सुविधा अब तक नसीब नहीं हुई। रामपुर वर्कशॉप के परिसर में तैयार किया गया टायर रिट्रेड प्लांट आज दिन तक मशीनों की राह देख रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) प्रबंधन द्वारा कभी जटिल टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ता रहा तो कभी मशीनों की तकनीकी जांच का। अब निगम पुराने इंतजाम के बजाय यहां आधुनिक मशीनरी लगाने की योजना बना रहा है। इसके लिए एचआरटीसी की तकनीकी टीम ने दूसरे राज्यों में लगी आधुनिक मशीनों का निरीक्षण करने को लेकर दौरा भी किया है। जिसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी दी है।
प्लांट शुरू न होने का सीधा असर निगम के संचालन पर पड़ रहा है। ऊना डिपो की बसों के खराब टायर आज भी रिट्रेडिंग के लिए करीब 115 किलोमीटर दूर परवाणू भेजने पड़ते हैं। निगम के सूत्रों के अनुसार कई डिपो तो टायरों की कमी से जूझ रहे हैं। इससे टायरों की आवाजाही में समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ते हैं। स्थानीय स्तर पर सुविधा शुरू होने से निगम को यह अतिरिक्त दौड़ खत्म होने की उम्मीद है।
2023 में शुरू हुआ था निर्माण
करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से भवन तैयार हो चुका है। निर्माण का काम वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। यानी अब करीब तीन साल गुजर चुके हैं लेकिन जिस सुविधा के लिए इतना बड़ा ढांचा खड़ा किया गया, वह मशीनरी के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है। हाल ही में भवन के बाहर टाइल लगाने का काम भी पूरा किया गया है लेकिन अंदर प्लांट चलाने वाली मशीनों का इंतजार बरकरार है।
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ऊना में स्थापित किए जाने वाले टायर रिट्रेड प्लांट में आधुनिक मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही इसमें आधुनिक मशीनें लगा कर इस प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
-अजय वर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी
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प्लांट शुरू न होने का सीधा असर निगम के संचालन पर पड़ रहा है। ऊना डिपो की बसों के खराब टायर आज भी रिट्रेडिंग के लिए करीब 115 किलोमीटर दूर परवाणू भेजने पड़ते हैं। निगम के सूत्रों के अनुसार कई डिपो तो टायरों की कमी से जूझ रहे हैं। इससे टायरों की आवाजाही में समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ते हैं। स्थानीय स्तर पर सुविधा शुरू होने से निगम को यह अतिरिक्त दौड़ खत्म होने की उम्मीद है।
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2023 में शुरू हुआ था निर्माण
करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से भवन तैयार हो चुका है। निर्माण का काम वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। यानी अब करीब तीन साल गुजर चुके हैं लेकिन जिस सुविधा के लिए इतना बड़ा ढांचा खड़ा किया गया, वह मशीनरी के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है। हाल ही में भवन के बाहर टाइल लगाने का काम भी पूरा किया गया है लेकिन अंदर प्लांट चलाने वाली मशीनों का इंतजार बरकरार है।
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ऊना में स्थापित किए जाने वाले टायर रिट्रेड प्लांट में आधुनिक मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही इसमें आधुनिक मशीनें लगा कर इस प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा।
-अजय वर्मा, उपाध्यक्ष एचआरटीसी