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तापमान 43 डिग्री के पार, बढ़ने लगे हीट स्ट्रोक के मामले
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ऊना। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ना शुरू हो गए हैं। पारा बढ़ने के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल की ही बात करें तो रोजाना 20 से 30 मरीज हीट स्ट्रोक से संबंधित दिक्कतों को लेकर उपचार के लिए आ रहे हैं।
बता दें कि जिले में मई के पहले पखवाड़े में ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। आलम यह है कि जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। खुले में घंटों काम करने वाले लोग गर्मी के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर लोगों को गर्मी व तेज धूप बचने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने कहा कि जलती-चुभती गर्मी को देखते हुए तेज धूप में जाने से बचें। पानी का सेवन लगातार थोड़ी-थोड़ी देर बाद करते रहें।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
सीधी धूप लेने पर अचानक चक्कर खाकर गिर जाना, बेहोश हो जाना, पीड़ित में काफी देर तक बेहोशी छाए रहना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित को जल्द ठंडी और छायादार जगह पर पहुंचाना, पीड़ित के शरीर के तापमान की जांच करें, बेहोशी होने पर मुंह में थर्मामीटर न डालें, काम करते समय सिर को कपड़े से ढककर रखने से हीट स्ट्रोक से बचा सकता है। शारीरिक क्षमता से कमजोर व्यक्ति जल्दी चपेट में आते हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है।
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बता दें कि जिले में मई के पहले पखवाड़े में ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। आलम यह है कि जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। खुले में घंटों काम करने वाले लोग गर्मी के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर लोगों को गर्मी व तेज धूप बचने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने कहा कि जलती-चुभती गर्मी को देखते हुए तेज धूप में जाने से बचें। पानी का सेवन लगातार थोड़ी-थोड़ी देर बाद करते रहें।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
सीधी धूप लेने पर अचानक चक्कर खाकर गिर जाना, बेहोश हो जाना, पीड़ित में काफी देर तक बेहोशी छाए रहना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित को जल्द ठंडी और छायादार जगह पर पहुंचाना, पीड़ित के शरीर के तापमान की जांच करें, बेहोशी होने पर मुंह में थर्मामीटर न डालें, काम करते समय सिर को कपड़े से ढककर रखने से हीट स्ट्रोक से बचा सकता है। शारीरिक क्षमता से कमजोर व्यक्ति जल्दी चपेट में आते हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर में पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है।
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