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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल में एक चिकित्सक के सहारे चल रही गायनी ओपीडी
Sat, 31 Oct 2026 12:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:38 AM IST
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मातृ शिशु अस्पताल में खाली पड़ा पर्ची काउंटर। संवाद
ऊना। स्थान : क्षेत्रीय अस्पताल ऊना। समय : दोपहर 12:15 बजे। क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य गेट से मरीजों व तीमारदारों का आना-जाना जारी है।
करवाचौथ के अवकाश के बाद शुक्रवार को अस्पताल खुला। इस दौरान पर्ची काउंटर पर भी लोगों की अधिक संख्या देखने को नहीं मिली। हालांकि मेडिसिन और अन्य ओपीडी के बाहर कुछ मरीज उपचार को लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
इसके अलावा आर्थो, व शिशु रोग ओपीडी के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मौसम के बदलते मिजाज के चलते इन दिनों वायरल के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में वायरल संबंधित अधिकतर मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं।
समय : दोपहर 12:30 बजे। मातृ-शिशु अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार से लोगों का आना-जाना जारी है लेकिन गायनी ओपीडी के बाहर कम संख्या में मरीज नजर आए।
इस बारे में जब ओपीडी में जाकर स्टाफ सदस्यों से पता किया गया तो उन्होंने बताया कि आज एक ही महिला रोग विशेषज्ञ डयूटी पर हैं जो डेपुटेशन के आधार पर सेवाएं दे रही हैं।
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इसके अलावा एक विशेषज्ञ निजी कारणों के चलते अवकाश पर हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ गायनी ओपीडी के बाहर भी देखने को मिलती थी लेकिन विशेषज्ञों के अभाव व बीते दिनाें क्षेत्रीय अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत के चलते ओपीडी में गिरावट देखने को मिली है।
मातृ-शिशु अस्पताल के पर्ची काउंटर पर पता करने पर जानकारी मिली कि बीते कुछ दिनों से गायनी ओपीडी में गिरावट आई है। पूर्व में जहां कभी गायनी ओपीडी 150 से 200 के करीब रहती थी लेकिन अब औसतन 30 से 50 से बीच ही सिमट कर रह गई है।
जब ओपीडी के बाहर बैठे लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जनाब हम तो आर्थिक तंगी के चलते मजबूरी में अस्पताल जांच के लिए आए हैं लेकिन यहां तो चिकित्सक ही पूरे नहीं हैं।
अब सोचना पड़ेगा कि आगामी उपचार किसी दूसरी जगह जाकर करवाएं। इस दौरान गायनी ओपीडी में जाकर देखा तो वहां करीब चार महिलाएं उपचार के लिए अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं।
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करवाचौथ के अवकाश के बाद शुक्रवार को अस्पताल खुला। इस दौरान पर्ची काउंटर पर भी लोगों की अधिक संख्या देखने को नहीं मिली। हालांकि मेडिसिन और अन्य ओपीडी के बाहर कुछ मरीज उपचार को लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
इसके अलावा आर्थो, व शिशु रोग ओपीडी के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मौसम के बदलते मिजाज के चलते इन दिनों वायरल के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में वायरल संबंधित अधिकतर मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं।
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समय : दोपहर 12:30 बजे। मातृ-शिशु अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार से लोगों का आना-जाना जारी है लेकिन गायनी ओपीडी के बाहर कम संख्या में मरीज नजर आए।
इस बारे में जब ओपीडी में जाकर स्टाफ सदस्यों से पता किया गया तो उन्होंने बताया कि आज एक ही महिला रोग विशेषज्ञ डयूटी पर हैं जो डेपुटेशन के आधार पर सेवाएं दे रही हैं।
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इसके अलावा एक विशेषज्ञ निजी कारणों के चलते अवकाश पर हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ गायनी ओपीडी के बाहर भी देखने को मिलती थी लेकिन विशेषज्ञों के अभाव व बीते दिनाें क्षेत्रीय अस्पताल में हुई जच्चा-बच्चा की मौत के चलते ओपीडी में गिरावट देखने को मिली है।
मातृ-शिशु अस्पताल के पर्ची काउंटर पर पता करने पर जानकारी मिली कि बीते कुछ दिनों से गायनी ओपीडी में गिरावट आई है। पूर्व में जहां कभी गायनी ओपीडी 150 से 200 के करीब रहती थी लेकिन अब औसतन 30 से 50 से बीच ही सिमट कर रह गई है।
जब ओपीडी के बाहर बैठे लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जनाब हम तो आर्थिक तंगी के चलते मजबूरी में अस्पताल जांच के लिए आए हैं लेकिन यहां तो चिकित्सक ही पूरे नहीं हैं।
अब सोचना पड़ेगा कि आगामी उपचार किसी दूसरी जगह जाकर करवाएं। इस दौरान गायनी ओपीडी में जाकर देखा तो वहां करीब चार महिलाएं उपचार के लिए अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं।