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Una News: चक्कसराय में गुग्गा जाहरवीर का मेला 18 मई से होगा शुरू
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250 वर्ष पुराना प्रसिद्ध शक्तिपीठ गुग्गा जाहरवीर का मंदिर बना आस्था का केंद्र
मेले की तैयारियां जोरों पर, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपमंडल अंब की पंचायत चक्कसराय में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना प्रसिद्ध शक्ति पीठ गुग्गा जाहरवीर का मंदिर श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर में हर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आकर माथा टेकते हैं। अब इस ऐतिहासिक मंदिर में वार्षिक गुग्गा जाहर वीर के मेले का शुभारंभ रविवार 18 मई से किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मेले की तैयारियां जोरों पर हैं और इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। गुग्गा मंदिर न सिर्फ ऊना जिले के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी सैकड़ों श्रद्धालु यहां विशेष रूप से दर्शन करने पहुंचते हैं। गुग्गा जाहर वीर का जन्म राजस्थान के चुरू जिले के दत्तखेड़ा गांव में हुआ था। उन्हें सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि वे सांपों को नियंत्रित करने की शक्ति रखते हैं और विषैली घटनाओं से लोगों की रक्षा करते हैं। गुग्गा के भक्त मानते हैं कि उनकी कृपा से सांपों के काटने से सुरक्षा मिलती है और उनका आशीर्वाद जीवन में सुख-शांति लाता है। मेले के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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मेले की तैयारियां जोरों पर, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। उपमंडल अंब की पंचायत चक्कसराय में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना प्रसिद्ध शक्ति पीठ गुग्गा जाहरवीर का मंदिर श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर में हर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आकर माथा टेकते हैं। अब इस ऐतिहासिक मंदिर में वार्षिक गुग्गा जाहर वीर के मेले का शुभारंभ रविवार 18 मई से किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मेले की तैयारियां जोरों पर हैं और इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। गुग्गा मंदिर न सिर्फ ऊना जिले के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी सैकड़ों श्रद्धालु यहां विशेष रूप से दर्शन करने पहुंचते हैं। गुग्गा जाहर वीर का जन्म राजस्थान के चुरू जिले के दत्तखेड़ा गांव में हुआ था। उन्हें सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि वे सांपों को नियंत्रित करने की शक्ति रखते हैं और विषैली घटनाओं से लोगों की रक्षा करते हैं। गुग्गा के भक्त मानते हैं कि उनकी कृपा से सांपों के काटने से सुरक्षा मिलती है और उनका आशीर्वाद जीवन में सुख-शांति लाता है। मेले के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।