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शिक्षकों का युक्तिकरण नई शिक्षा नीति से करे सरकार : संघ
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हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ऊना के शिक्षकों ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ऊना ने शिक्षकों का युक्तिकरण नई शिक्षा नीति के तहत करने की प्रदेश सरकार से मांग की। संघ के जिला प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात 30:1 किया गया है। प्रत्येक शिक्षक जितने कम छात्रों के साथ काम करता है, उतना ही वे अपने शिक्षण को विशिष्ट शिक्षण शैली के अनुरूप बनाने में सक्षम होते हैं। इसके अतिरिक्त कम अनुपात शिक्षकों के कार्यभार को हल्का करेगा। इससे वे अपने शिक्षक और ग्रेडिंग की मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। छोटे से समूह में छात्रों को अपनी राय व्यक्त करने, प्रश्न पूछने और अपनी जरूरत को बताने में सहज महसूस होने की अधिक संभावना होती है। यह सेटअप उन विद्यार्थियों के लिए अधिक देखभाल भी प्रदान करता है, जो किसी भी विषय में सीखने की बाधाओं से जूझ रहे। छात्र शिक्षक अनुपात वर्तमान नियमों के अनुसार 60:1 है। यानी 60 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक नियुक्त होता है। जबकि विभाग की ओर से 100 छात्रों पर दूसरा शिक्षक नियुक्त किया जाता है। 99 छात्र होने पर भी एक ही शिक्षक नियुक्त होता है। वर्तमान नियमों के अनुसार 60 से ऊपर छात्र होने पर दूसरा शिक्षक नियुक्त होना चाहिए परंतु ऐसा नहीं हो रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव से इस मामले में नई शिक्षा नीति के अनुसार युक्तिकरण करने की मांग की। संघ ने प्रदेश सरकार से यह भी मांग की है कि मुख्य अध्यापकों की सूची भी शीघ्र अति शीघ्र जारी की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ऊना ने शिक्षकों का युक्तिकरण नई शिक्षा नीति के तहत करने की प्रदेश सरकार से मांग की। संघ के जिला प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात 30:1 किया गया है। प्रत्येक शिक्षक जितने कम छात्रों के साथ काम करता है, उतना ही वे अपने शिक्षण को विशिष्ट शिक्षण शैली के अनुरूप बनाने में सक्षम होते हैं। इसके अतिरिक्त कम अनुपात शिक्षकों के कार्यभार को हल्का करेगा। इससे वे अपने शिक्षक और ग्रेडिंग की मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। छोटे से समूह में छात्रों को अपनी राय व्यक्त करने, प्रश्न पूछने और अपनी जरूरत को बताने में सहज महसूस होने की अधिक संभावना होती है। यह सेटअप उन विद्यार्थियों के लिए अधिक देखभाल भी प्रदान करता है, जो किसी भी विषय में सीखने की बाधाओं से जूझ रहे। छात्र शिक्षक अनुपात वर्तमान नियमों के अनुसार 60:1 है। यानी 60 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक नियुक्त होता है। जबकि विभाग की ओर से 100 छात्रों पर दूसरा शिक्षक नियुक्त किया जाता है। 99 छात्र होने पर भी एक ही शिक्षक नियुक्त होता है। वर्तमान नियमों के अनुसार 60 से ऊपर छात्र होने पर दूसरा शिक्षक नियुक्त होना चाहिए परंतु ऐसा नहीं हो रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव से इस मामले में नई शिक्षा नीति के अनुसार युक्तिकरण करने की मांग की। संघ ने प्रदेश सरकार से यह भी मांग की है कि मुख्य अध्यापकों की सूची भी शीघ्र अति शीघ्र जारी की जाए।