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पहली से बारहवीं तक कला विषय को अनिवार्य करे सरकार : बोधराज
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कई वर्षों से नहीं हुआ पुस्तकों और विषय का नवीनीकरण
छठी से आठवीं तक सौ बच्चों की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। राजकीय सीएंडबी अध्यापक संघ की जिला ऊना इकाई ने राज्य सरकार से मांग की है कि कला विषय को पहली से आठवीं कक्षा तक अनिवार्य किया जाए। संघ के अध्यक्ष बोधराज ने कहा कि सौ बच्चों की अनिवार्यता को खत्म कर सभी मिडल स्कूलों में कला व शारीरिक शिक्षा अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में पंजाबी अध्यापकों के पद रिक्त हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने मांग की कि रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं और टीजीटी हिंदी व संस्कृत की तरह कला, पंजाबी और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को भी समान दर्जा दिया जाए। बोधराज ने यह भी कहा कि कई वर्षों से पुस्तकों व पाठ्यक्रम का नवीनीकरण नहीं हुआ है, जिस पर सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
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छठी से आठवीं तक सौ बच्चों की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। राजकीय सीएंडबी अध्यापक संघ की जिला ऊना इकाई ने राज्य सरकार से मांग की है कि कला विषय को पहली से आठवीं कक्षा तक अनिवार्य किया जाए। संघ के अध्यक्ष बोधराज ने कहा कि सौ बच्चों की अनिवार्यता को खत्म कर सभी मिडल स्कूलों में कला व शारीरिक शिक्षा अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में पंजाबी अध्यापकों के पद रिक्त हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने मांग की कि रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं और टीजीटी हिंदी व संस्कृत की तरह कला, पंजाबी और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों को भी समान दर्जा दिया जाए। बोधराज ने यह भी कहा कि कई वर्षों से पुस्तकों व पाठ्यक्रम का नवीनीकरण नहीं हुआ है, जिस पर सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।