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लंबे रूटों पर भी 25 प्रतिशत किराया बढ़ाए सरकार : राजेश पराशर

Mon, 07 Apr 2025 12:07 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 12:07 AM IST
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Government should increase fares by 25% on long routes also: Rajesh Parashar
ऊना में निजी बस ऑपरेटर्स के प्रदेश अध्यक्ष प्रैसवार्ता के दौरान पत्रकारों को सम्बो​धित करते हुए
जेएनयूआरएम बसों का हाईकोर्ट के आदेशों के तहत संचालन की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने सरकार से लंबे रूटों की बसों का किराया 25 प्रतिशत बढ़ाने की मांग उठाई है। इसके अलावा सरकार की ओर से न्यूनतम किराया 10 रुपये करने के फैसले का स्वागत किया है। ऊना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजेश पराशर ने कहा कि न्यूनतम किराये को लेकर काफी समय से मांग उठाई जा रही थी। अब सरकार ने पूरा किया है। कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब में न्यूनतम किराया 15 रुपये है, जबकि हिमाचल में 10 रुपये ही रखा गया है। इसके बावजूद हम सरकार की इस पहल की सराहना करते हैं। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से न्यूनतम किराया बढ़ाने के विरोध का यूनियन कड़ा ऐतराज जताती है। जब सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते, वार्षिक वेतनवृद्धि और अन्य लाभ मिलते हैं तो उसी महंगाई से जूझ रहे बस ऑपरेटरों को राहत क्यों न मिले। डीजल की कीमतें, बसों की लागत, इंश्योरेंस प्रीमियम, स्पेयर पार्ट्स, सभी में भारी वृद्धि हुई है। पिछले वर्षों में डीजल छह रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है, बसों की लागत और रखरखाव खर्च में भी भारी वृद्धि हुई है। सरकार को लंबी दूरी की यात्राओं का किराया भी 25 प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए ताकि बस संचालन व्यावसायिक रूप से टिकाऊ रह सकें। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत किराया छूट दी जा रही है। हमारी मांग है कि या तो यह छूट बंद की जाए अथवा निजी बस ऑपरेटरों को भी एचआरटीसी की तर्ज पर प्रतिवर्ष 170 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाए। भारत के अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी या तो स्पेशल रोड टैक्स लिया जाए या टोकन टैक्स, दोनों टैक्स एक साथ नहीं लगाए जाएं। पंजाब मॉडल पर एकल टैक्स व्यवस्था लागू होनी चाहिए। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार जेएनआरयूएम की बसें केवल 13 क्लस्टर क्षेत्रों में चलाई जानी चाहिए लेकिन एचआरटीसी इन्हें अंतरराज्यीय और लंबी दूरी के रूटों पर चला रहा है। इससे निजी ऑपरेटरों की आय प्रभावित हो रही है। कोविड काल में सरकार ने 2 लाख रुपये प्रतिवर्ष कार्य पूंजी ऋण देने की घोषणा की थी। इसका ब्याज सरकार वहन करने वाली थी परंतु अब तक ब्याज की अदायगी नहीं हुई है। इससे कई ऑपरेटर बैंक डिफाल्ट में आ गए हैं। हमारी मांग है कि यह ब्याज स्पेशल रोड टैक्स में समायोजित किया जाए। इस मौके पर जिला निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष महेंद्र मनकोटिया, महासचिव दिनेश सैनी, पवन ठाकुर, सुकेश ठाकुर, पंकज दत्त, संजीव रायजादा, सुखदेव शर्मा व ऋषि शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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