{"_id":"65e76db1d011e79e9e023a64","slug":"government-is-ignoring-compassionate-families-ajay-kumar-una-news-c-93-1-una1001-118918-2024-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार कर रही है करुणामूलक परिवारों की अनदेखी : अजय कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार कर रही है करुणामूलक परिवारों की अनदेखी : अजय कुमार
Wed, 06 Mar 2024 12:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 06 Mar 2024 12:38 AM IST
विज्ञापन
करुणामूलक संघ ने की बैठक, बोले- करूणामूलकों से किए वादे की गारंटी कब होगी पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश की बैठक गूगल मीट के माध्यम से मंगलवार को हुई। बैठक की अगुआई प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने की। बैठक में प्रदेश सरकार के समक्ष कई मांगों को उठाया गया। आगामी कैबिनेट बैठक में मांगों को पूरा करने सहित पात्रों के लिए पॉलिसी बनाने की मांग की गई।
करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार, मीडिया प्रभारी गगन कुमार और सलाहकार शशिपाल ने कहा कि करुणामूलक परिवारों को केवल वोट बैंक का जरिया ही समझा गया। राजनीतिक पार्टियां चुनाव के समय इन परिवारों की लुभाने के लिए आवाज तो बनती है, पर सत्ता मिलने के बाद करुणामूलक परिवारों की कोई गारंटी नहीं लेता। प्रदेश सरकार को बने हुए लगभग डेढ़ साल का समय हो गया है, लेकिन इन परिवारों के लिए अभी तक न कोई नीति लाई गई। इतना ही नहीं बजट अभिभाषण में करुणामूलक शब्द को ही काट दिया गया। कैबिनेट से पहले कई दफा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट हुई। करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इन परिवारों ने कई बार मुख्यमंत्री को उनका वादा याद भी दिलाया। इन परिवारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले आगामी कैबिनेट में करूणामूलक परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू उचित फैसला लें। पॉलिसी संशोधन किया जाए, पांच लाख आय सीमा निर्धारित की जाए और एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए।इसके अलावा योग्यता अनुसार इन सभी श्रेणियों के सभी पदों में नौकरियां दी जाएं, ताकि एक पद पर बोझ न पड़े।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश की बैठक गूगल मीट के माध्यम से मंगलवार को हुई। बैठक की अगुआई प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने की। बैठक में प्रदेश सरकार के समक्ष कई मांगों को उठाया गया। आगामी कैबिनेट बैठक में मांगों को पूरा करने सहित पात्रों के लिए पॉलिसी बनाने की मांग की गई।
करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार, मीडिया प्रभारी गगन कुमार और सलाहकार शशिपाल ने कहा कि करुणामूलक परिवारों को केवल वोट बैंक का जरिया ही समझा गया। राजनीतिक पार्टियां चुनाव के समय इन परिवारों की लुभाने के लिए आवाज तो बनती है, पर सत्ता मिलने के बाद करुणामूलक परिवारों की कोई गारंटी नहीं लेता। प्रदेश सरकार को बने हुए लगभग डेढ़ साल का समय हो गया है, लेकिन इन परिवारों के लिए अभी तक न कोई नीति लाई गई। इतना ही नहीं बजट अभिभाषण में करुणामूलक शब्द को ही काट दिया गया। कैबिनेट से पहले कई दफा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट हुई। करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इन परिवारों ने कई बार मुख्यमंत्री को उनका वादा याद भी दिलाया। इन परिवारों का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले आगामी कैबिनेट में करूणामूलक परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू उचित फैसला लें। पॉलिसी संशोधन किया जाए, पांच लाख आय सीमा निर्धारित की जाए और एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए।इसके अलावा योग्यता अनुसार इन सभी श्रेणियों के सभी पदों में नौकरियां दी जाएं, ताकि एक पद पर बोझ न पड़े।
विज्ञापन