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आपदा पीड़ितों को राहत देने में असफल, आंकड़े छिपा रही सरकार : कंवर
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थानाकलां से परोइयां जाने वाली सड़क पूरी तरह से बंद
वीरेंद्र कंवर कार्यकर्ताओं के साथ नाव के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में आई भीषण आपदा से ऊना ज़िले की कुटलैहड़ विधानसभा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और किसानों की पूरी फसल तबाह हो चुकी है। इसी बीच पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार डटे हुए हैं। थानाकलां-परोइयां सड़क बंद होने पर वे नाव से राहत सामग्री लेकर गांवों तक पहुंचे।
कंवर ने सरकार पर आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि फसलें 100% नष्ट हुई हैं। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में डंगे बनाने की राशि 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख की जाए, पूरी तरह असुरक्षित मकानों को कम से कम 10 लाख की राहत मिले और जिनकी ज़मीन बह गई है उन्हें नई ज़मीन आबंटित की जाए। उन्होंने कहा कि यह समय कागज़ी कार्रवाई का नहीं, बल्कि लोगों के आंसू पोंछने का है। सरकार अगर राहत नहीं देती तो जनता उसे माफ़ नहीं करेगी। कंवर ने आश्वासन दिया कि वे हर परिस्थिति में कुटलैहड़ की जनता के साथ खड़े रहेंगे।
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वीरेंद्र कंवर कार्यकर्ताओं के साथ नाव के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में आई भीषण आपदा से ऊना ज़िले की कुटलैहड़ विधानसभा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और किसानों की पूरी फसल तबाह हो चुकी है। इसी बीच पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार डटे हुए हैं। थानाकलां-परोइयां सड़क बंद होने पर वे नाव से राहत सामग्री लेकर गांवों तक पहुंचे।
कंवर ने सरकार पर आंकड़े छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि फसलें 100% नष्ट हुई हैं। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में डंगे बनाने की राशि 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख की जाए, पूरी तरह असुरक्षित मकानों को कम से कम 10 लाख की राहत मिले और जिनकी ज़मीन बह गई है उन्हें नई ज़मीन आबंटित की जाए। उन्होंने कहा कि यह समय कागज़ी कार्रवाई का नहीं, बल्कि लोगों के आंसू पोंछने का है। सरकार अगर राहत नहीं देती तो जनता उसे माफ़ नहीं करेगी। कंवर ने आश्वासन दिया कि वे हर परिस्थिति में कुटलैहड़ की जनता के साथ खड़े रहेंगे।
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