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पीटीएफ ने वेतन आयोग की सिफारिशों को नकारा
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ऊना। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) ने वेतन आयोग की सिफारिशों को नकार दिया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला ऊना की बैठक बुधवार को बीआरसी भवन ऊना में हुई। जिसमें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर चर्चा की गई।
संघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह राणा, राज्य प्रवक्ता महेश शारदा, संगठन मंत्री नीरज शर्मा, जिला प्रधान विनोद शर्मा, महासचिव राकेश चंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष पंकज ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतिंद्र मिन्हास, इंस्पेक्शन कैडर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हंस राज, कपिल शर्मा, मनोज राणा, महेश कुमार, विजय शर्मा, राजीव शर्मा, कुलदीप कंग, जगदेव सिंह जग्गी, पूर्व महासचिव राकेश कालिया ने कहा कि हिमाचल सरकार ने वेतन आयोग को लागू नहीं किया है बल्कि कर्मचारियों को आंकड़ों के मकड़जाल में उलझा कर रख दिया है।
इन सिफारिशों में कर्मचारियों को दो विकल्प दिए हैं 2.25 या 2.59, लेकिन फायदा कहीं भी नहीं हो रहा है। इसीलिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ इन सिफारिशों को सिरे से नकारा है। संघ का मानना है कि पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए शिक्षकों के लिए 2.59 का ही सूत्र लगाया जाए। उन्होंने कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मोबाइल भत्ता, आवास भत्ता मूल वेतन का 11 प्रतिशत और एचसीए को कम से कम दो हजार रुपये करने और उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर 2 से 5 विशेष वेतन वृद्धियां देने और प्रोबेशन पीरियड को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है। प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी स्कूलों में कक्षावार अध्यापकों की नियुक्ति की जाए।
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संघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह राणा, राज्य प्रवक्ता महेश शारदा, संगठन मंत्री नीरज शर्मा, जिला प्रधान विनोद शर्मा, महासचिव राकेश चंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष पंकज ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतिंद्र मिन्हास, इंस्पेक्शन कैडर खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हंस राज, कपिल शर्मा, मनोज राणा, महेश कुमार, विजय शर्मा, राजीव शर्मा, कुलदीप कंग, जगदेव सिंह जग्गी, पूर्व महासचिव राकेश कालिया ने कहा कि हिमाचल सरकार ने वेतन आयोग को लागू नहीं किया है बल्कि कर्मचारियों को आंकड़ों के मकड़जाल में उलझा कर रख दिया है।
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इन सिफारिशों में कर्मचारियों को दो विकल्प दिए हैं 2.25 या 2.59, लेकिन फायदा कहीं भी नहीं हो रहा है। इसीलिए राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ इन सिफारिशों को सिरे से नकारा है। संघ का मानना है कि पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए शिक्षकों के लिए 2.59 का ही सूत्र लगाया जाए। उन्होंने कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मोबाइल भत्ता, आवास भत्ता मूल वेतन का 11 प्रतिशत और एचसीए को कम से कम दो हजार रुपये करने और उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर 2 से 5 विशेष वेतन वृद्धियां देने और प्रोबेशन पीरियड को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है। प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी स्कूलों में कक्षावार अध्यापकों की नियुक्ति की जाए।
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