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कोरोना से बचाव के लिए ऑनलाइन आवेदनों को दें प्राथमिकता
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ऊना। कोरोना महामारी की रोकथाम तथा सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन सभी प्रमाण पत्रों के ऑनलाइन आवेदनों को प्राथमिकता दे रहा है। उपायुक्त राघव शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि वह अपने राजस्व से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें तथा जहां तक संभव हो तहसील तथा उप तहसील कार्यालयों में जाने से बचें।
उपायुक्त ने बताया कि इन प्रमाण पत्रों के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर स्वयं अपने घर से अथवा अपने नजदीकी लोकमित्र या सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्रों के लिए लोकमित्र अथवा सामान्य सेवा केन्द्र के संचालक राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क की अदायगी पर ग्राहक को सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे।
डीसी राघव शर्मा ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र भरने एवं अपलोड करने के लिए प्रति आवेदन दस रुपये शुल्क अदा करना होगा। जबकि, सहायक दस्तावेजों को स्कैन तथा अपलोड करने के लिए प्रति पृष्ठ दो रुपये तथा अंतिम दस्तावेज की प्रिंट कॉपी के लिए दस रुपये प्रति पृष्ठ की दर निर्धारित की गई है।
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इसके अतिरिक्त ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन सबमिट करने पर सरकारी शुल्क के तौर पर 17 रुपये अदा करने होंगे। लोकमित्र एवं सामान्य सेवा केंद्रों के संचालकों को नागरिकों की सुविधा के लिए अपने कार्यालय व दुकान के सामने सेवा शुल्क का विवरण स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित करना होगा। उन्हें राजस्व सेवाओं के लिए अदा की गई कुल राशि की रसीद भी प्रदान करनी होगी और मासिक आधार पर इसका विवरण जिला प्रबंधक के पास प्रस्तुत करना होगा।
तहसीलदार के पास छाया प्रति के साथ करें शिकायत
डीसी ने बताया कि सेवा शुल्क के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति पर उपभोक्ता संबंधित एसडीएम या तहसीलदार के पास रसीद की छाया प्रति सहित शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोकमित्र तथा सामान्य सेवा केंद्र के संचालक द्वारा सेवा शुल्क ढांचे की अवहेलना या सेवा प्रदान करने को मना करने का दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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उपायुक्त ने बताया कि इन प्रमाण पत्रों के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट वेबसाइट पर स्वयं अपने घर से अथवा अपने नजदीकी लोकमित्र या सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्रों के लिए लोकमित्र अथवा सामान्य सेवा केन्द्र के संचालक राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क की अदायगी पर ग्राहक को सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे।
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डीसी राघव शर्मा ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पत्र भरने एवं अपलोड करने के लिए प्रति आवेदन दस रुपये शुल्क अदा करना होगा। जबकि, सहायक दस्तावेजों को स्कैन तथा अपलोड करने के लिए प्रति पृष्ठ दो रुपये तथा अंतिम दस्तावेज की प्रिंट कॉपी के लिए दस रुपये प्रति पृष्ठ की दर निर्धारित की गई है।
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इसके अतिरिक्त ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन सबमिट करने पर सरकारी शुल्क के तौर पर 17 रुपये अदा करने होंगे। लोकमित्र एवं सामान्य सेवा केंद्रों के संचालकों को नागरिकों की सुविधा के लिए अपने कार्यालय व दुकान के सामने सेवा शुल्क का विवरण स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित करना होगा। उन्हें राजस्व सेवाओं के लिए अदा की गई कुल राशि की रसीद भी प्रदान करनी होगी और मासिक आधार पर इसका विवरण जिला प्रबंधक के पास प्रस्तुत करना होगा।
तहसीलदार के पास छाया प्रति के साथ करें शिकायत
डीसी ने बताया कि सेवा शुल्क के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति पर उपभोक्ता संबंधित एसडीएम या तहसीलदार के पास रसीद की छाया प्रति सहित शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोकमित्र तथा सामान्य सेवा केंद्र के संचालक द्वारा सेवा शुल्क ढांचे की अवहेलना या सेवा प्रदान करने को मना करने का दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।