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मक्की फसल के नुकसान का दिया जाए मुआवजा
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हिमाचल किसान सभा के सदस्य उपायुक्त राघव शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए।
- फोटो : Una
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ऊना। फाल आर्मी वर्म से मक्की को हुए नुकसान की हिमाचल किसान सभा ने भरपाई की मांग उठाई है। इस संबंध में हिमाचल किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी राघव शर्मा को ज्ञापन सौंपा और किसानों को मुआवजा देने का आग्रह किया।
हिमाचल किसान सभा जिला ऊना के प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि किसानों ने मक्की में महंगे कीटनाशक और टॉनिक का छिड़काव किया। इसके बावजूद फाल आर्मी वर्म कीट ने फसल को तबाह कर दिया। इससे क्षेत्र के किसानों का भारी नुकसान हुआ है। किसान पहले ही जंगली और लावारिस जानवरों से परेशान हैं। ऊपर से कीट ने काफी नुकसान पहुंचाया है। किसानों की आर्थिक स्थिति पहले ही बुरे वक्त से गुजर रही है। ऊपर से कुदरत की मार ने इसमें और इजाफा कर दिया है।
इससे किसानों को घर का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसानों की खराब हुई फसल का मुआवजा किसानों को दिया जाए ताकि किसान आगे की फसल के लिए बीज और अन्य सामग्री खरीद सके। रणजीत सिंह ने कहा कि क्षेत्र में किसान कम जमीन के मालिक हैं। उन्हें फसल बेचने के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कम फसल होने से फसल को मंडियों तक ले जाना महंगा पड़ता है। इससे किसान का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद होते हैं। क्षेत्र के किसानों की मांग है कि फसल की खरीद के लिए मंडी संतोषगढ़ में और अन्य क्षेत्रों में बनाई जाए। भले ही वह अस्थायी हो, जिससे किसानों का समय और पैसा बच सके।
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रणजीत ने बताया कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्य करे। किसान सभा ने चेताया है यदि मुआवजा नहीं मिला तो मजबूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह, जैराम, बलजिंद्र सिंह, इकबाल सिंह, जुझार सिंह, जगरूप सिंह, मनदीप सिंह, ओपी सिद्ध और अन्य मौजूद रहे।
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हिमाचल किसान सभा जिला ऊना के प्रधान रणजीत सिंह ने बताया कि किसानों ने मक्की में महंगे कीटनाशक और टॉनिक का छिड़काव किया। इसके बावजूद फाल आर्मी वर्म कीट ने फसल को तबाह कर दिया। इससे क्षेत्र के किसानों का भारी नुकसान हुआ है। किसान पहले ही जंगली और लावारिस जानवरों से परेशान हैं। ऊपर से कीट ने काफी नुकसान पहुंचाया है। किसानों की आर्थिक स्थिति पहले ही बुरे वक्त से गुजर रही है। ऊपर से कुदरत की मार ने इसमें और इजाफा कर दिया है।
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इससे किसानों को घर का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसानों की खराब हुई फसल का मुआवजा किसानों को दिया जाए ताकि किसान आगे की फसल के लिए बीज और अन्य सामग्री खरीद सके। रणजीत सिंह ने कहा कि क्षेत्र में किसान कम जमीन के मालिक हैं। उन्हें फसल बेचने के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कम फसल होने से फसल को मंडियों तक ले जाना महंगा पड़ता है। इससे किसान का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद होते हैं। क्षेत्र के किसानों की मांग है कि फसल की खरीद के लिए मंडी संतोषगढ़ में और अन्य क्षेत्रों में बनाई जाए। भले ही वह अस्थायी हो, जिससे किसानों का समय और पैसा बच सके।
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रणजीत ने बताया कि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्य करे। किसान सभा ने चेताया है यदि मुआवजा नहीं मिला तो मजबूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह, जैराम, बलजिंद्र सिंह, इकबाल सिंह, जुझार सिंह, जगरूप सिंह, मनदीप सिंह, ओपी सिद्ध और अन्य मौजूद रहे।