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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता सबसे उत्तम : डॉ. सुमन शर्मा
Sat, 27 Apr 2024 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 27 Apr 2024 02:22 AM IST
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सोहारी के गांव घराणा में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा हुईं संपन्न
सोहारी के घराणा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। उपतहसील जोल के सोहारी के गांव घराणा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हो गया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पूर्ण विराम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था।, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
वहीं, श्रीमदभागवत कथा के सातवें दिवस पर कथा व्यास आचार्य डाॅ. सुमन शर्मा द्वारा श्रीकृष्ण और सुदामा का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा प्रसंग की एक अलग महिमा है। इस प्रसंग में यह बताया गया कि प्यार और दोस्ती कभी अमीर, गरीब, ऊंच, नीच, जात-पात नहीं देखती है। अगर सृष्टि के रचियता भगवान श्रीकृष्ण एक साधारण और गरीब परिवार के सुदामा से दोस्ती कर सकते हैं, तो फिर समाज में रहने वाले बड़े-बड़े अमीरजादे क्यों गरीब को देखकर दूर भागते हैं। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा की यही शिक्षा है कि समाज अहसाय एवं गरीबी रेखा से नीचे या फिर गरीबी की अंतिम पंक्ति में बैठे परिवारों को अपनी इच्छा अनुसार मदद करके उन्हें भी समाज में एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर आयोजिक वीरेंद्र मेहता, विशाल कुमार, श्री राम नाटक कल्ब हटली की महिला प्रधान ज्योति बरजाता, हंसराज बरजाता, अंकुश बरजाता, ऑल इंडिया मंच सचालन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्या शर्मा, नरेश कुमार, सीता राम एवं समस्त मेहता परिवार और गांववासियों द्वारा सेवाएं दी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। उपतहसील जोल के सोहारी के गांव घराणा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन हो गया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पूर्ण विराम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था।, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
वहीं, श्रीमदभागवत कथा के सातवें दिवस पर कथा व्यास आचार्य डाॅ. सुमन शर्मा द्वारा श्रीकृष्ण और सुदामा का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा प्रसंग की एक अलग महिमा है। इस प्रसंग में यह बताया गया कि प्यार और दोस्ती कभी अमीर, गरीब, ऊंच, नीच, जात-पात नहीं देखती है। अगर सृष्टि के रचियता भगवान श्रीकृष्ण एक साधारण और गरीब परिवार के सुदामा से दोस्ती कर सकते हैं, तो फिर समाज में रहने वाले बड़े-बड़े अमीरजादे क्यों गरीब को देखकर दूर भागते हैं। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा की यही शिक्षा है कि समाज अहसाय एवं गरीबी रेखा से नीचे या फिर गरीबी की अंतिम पंक्ति में बैठे परिवारों को अपनी इच्छा अनुसार मदद करके उन्हें भी समाज में एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर आयोजिक वीरेंद्र मेहता, विशाल कुमार, श्री राम नाटक कल्ब हटली की महिला प्रधान ज्योति बरजाता, हंसराज बरजाता, अंकुश बरजाता, ऑल इंडिया मंच सचालन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्या शर्मा, नरेश कुमार, सीता राम एवं समस्त मेहता परिवार और गांववासियों द्वारा सेवाएं दी गई।
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