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Una News: लडोली में कूड़ेदान खरीद घोटाला और फर्जी हस्ताक्षर मामले में एफआईआर

Fri, 15 May 2026 12:41 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Fri, 15 May 2026 12:41 AM IST
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FIR in Ladoli dustbin purchase scam and fake signature case
अंब (ऊना)। विकास खंड अंब की ग्राम पंचायत लडोली में कूड़ेदानों की खरीद में कथित अनियमितताओं और ग्राम सभा कार्यवाही रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षरों के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।
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पंचायतीराज विभाग की वर्षों चली जांच और उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद अब मामला पुलिस जांच के लिए थाना अंब भेजा गया है। मामले में आरोपी तत्कालीन ग्राम पंचायत प्रधान शशिबाला और तत्कालीन पंचायत सचिव कुलदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ओम पाल डोगरा अध्यक्ष समिति ग्राम पंचायत लडोली ने तत्कालीन प्रधान शशिबाला और तत्कालीन पंचायत सचिव कुलदीप सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के अनुसार पंचायत द्वारा वर्ष 2016 में 28 कूड़ेदान 6000 रुपये प्रति कूड़ेदान की दर से खरीदे गए जबकि जांच में इनकी वास्तविक कीमत करीब 2500 रुपये प्रति कूड़ेदान आंकी गई।
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आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में लगभग 98000 रुपये का गोलमाल किया गया। इसके अलावा 24 अप्रैल 2016 को आयोजित ग्राम सभा के कार्यवाही रजिस्टर में कुछ लोगों के फर्जी हस्ताक्षर करवाने के आरोप भी लगाए गए। प्रारंभिक जांच तत्कालीन पंचायत निरीक्षक द्वारा की गई, जिसमें कूड़ेदानों की खरीद में गंभीर अनियमितताएं बरते जाने के आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधान, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक को संयुक्त रूप से दोषी माना गया था।
जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय द्वारा वर्ष 2019 में तत्कालीन प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें निलंबित भी किया गया था। हालांकि नियमित जांच छह माह में पूरी न होने के कारण बाद में निलंबन आदेश रद्द कर दिए गए। उपमंडलाधिकारी अंब द्वारा नियमित जांच में भी कूड़ेदानों की खरीद में लगाए गए आरोप सही पाए गए। वहीं फर्जी हस्ताक्षरों की जांच सक्षम एजेंसी से करवाने की सिफारिश की गई थी। मामले में वसूली योग्य राशि में से तत्कालीन प्रधान द्वारा 18,732 रुपये और पंचायत सचिव द्वारा 34,188 रुपये पंचायत कार्यालय में जमा करवाए जाने की भी पुष्टि हुई।
इसमें फर्जी हस्ताक्षरों के आरोपों की जांच के लिए दस्तावेज क्षेत्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला धर्मशाला भेजे गए। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला पंचायत अधिकारी ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बावजूद पंचायत स्तर पर कोई निर्णय नहीं होने पर शिकायतकर्ता द्वारा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई।

उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद अब खंड विकास अधिकारी अंब और पंचायती राज विभाग की ओर से समस्त दस्तावेजों सहित मामला थाना अंब को आगामी जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि मामले में दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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