फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Farmers ready to harvest potato crop in Una

आलू की पक्की फसल के बीज की कटाई शुरू

Fri, 17 Dec 2021 12:21 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
Farmers ready to harvest potato crop in Una
ऊना। जिले के किसान आलू की पक्की फसल बीजने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए किसानों ने आलू के अंकुरित बीज की खरीद कर ली है और 20 दिसंबर से बिजाई शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि इस फसल में अंकुरित बीज को तीन से चार हिस्सों में काटकर लगाया जाता है। इसमें यह खास ध्यान रखा जाता है कि काटे गए बीज के हर हिस्से में अंकुर हो।
विज्ञापन

इस बीज को बिजाई से चार से पांच दिन पहले ही काट लिया जाता है, ताकि बिजाई के दौरान बीज काटने में अतिरिक्त समय न लगे। जब तक बिजाई न हो, तब तक काटे गए बीज को लगातार बदलते रहने पड़ता है, ताकि बीज में सड़न पैदा न हो।
विज्ञापन

पंडोगा के किसान रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने आलू की चार महीने वाली फसल (पक्की फसल) के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने बीज की खरीद जालंधर से की है। अब इस बीज की कटाई की जा रही है। बीज की कटाई के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बीज को लगातार बदलते रहने की है। बीज को हवा न लगने से इसमें सड़न पैदा होने लगती है। ऐसे में जब तक बिजाई शुरू न हो, बीज को लगातार बदलते रहने पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि वह करीब 300 कनाल जमीन पर आलू की पक्की फसल लगाएंगे और एक कनाल जमीन पर एक क्विंटल आलू का बीज लगता है। इस हिसाब से उन्होंने तीन सौ क्विंटल बीज की खरीद की है। अब इस बीज के अंकुर को ध्यान में रखते हुए काटा जा रहा है। साथ ही काटे गए बीज को सड़न से बचाव के लिए कार्य किया जा रहा है।
वहीं, किसान विनोद कुमार ने बताया कि पहले मुश्किल से खाद का बंदोबस्त हो सका और उसके अब बीज की कटाई का काम शुरू किया है। उन्होंने 21 दिसंबर को करीब 35 कनाल जमीन पर आलू की बिजाई शुरू करनी है।
बिजाई की सारी प्रक्रिया आलू लगाने वाली प्लांटर मशीन की मदद से होगी। फिलहाल बीज का रखरखाव चुनौती बना हुआ है। इसके लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता रहती है। अगर मौसम अनुकूल रहा तो बिजाई का काम समय से शुरू हो जाएगा और बीज के रखरखाव की चुनौती से उन्हें राहत मिल पाएगी।

जिले में 500 हेक्टेयर जमीन पर बीजा जाता है आलू
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉक्टर अतुल डोगरा ने बताया कि जिले में लगभग 500 हेक्टेयर जमीन पर आलू की फसल लगाई जाती है। चार महीने वाली यह फसल ज्यादातर बड़े किसान ही लगाते हैं। इसमें मेहनत तो अधिक होती है, लेकिन पैदावार भी दो महीने वाली फसल से अधिक रहती है। दिसंबर माह के अंतिम दिन इस फसल की बिजाई के लिए अनुकूल रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed