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Una News: आलू की बिजाई के लिए किसान तैयार, अब मौसम पर नजर
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बारिश के मौसम में नहीं लेना चाहते जोखिम
बीते वर्ष बारिश के बीच में पैदा हो गई थी सड़न
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में किसान आलू की बिजाई के लिए सारी तैयारियां पूरी कर चुके हैं। किसानों ने करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बीज की खरीद की है। कई किसानों ने मुर्गी पालन केंद्रों में तैयार होने वाली खाद का भी छिड़काव खेतों में कर दिया है। अब इंतजार तो केवल मौसम की अनुकूल स्थिति होने का है। जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ दिनों से बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। एक-दो दिन छोड़कर बारिश हो रही है। आलू की बिजाई 25 अगस्त के बाद अमूमन शुरू हो जाती है लेकिन पिछले साल बिजाई के बाद हुई तेज बारिश में कई जगह बीज खेतों से बह गया था। वहीं कई खेतों में जलभराव होने से सड़न पैदा हो गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। किसानों प्रेम प्रसाद, रविंद्र कुमार, देसराज, मदन लाल आदि ने कहा कि बीते कई दिन से सुबह-शाम बादल छाए रहते हैं। आलू की बिजाई के लिए आवश्यक सामग्री जुटा ली है। मौसम पर नजर है। अगर 30 अगस्त तक मौसम सामान्य रहता है तो बिजाई शुरू कर देंगे। क्योंकि इससे अधिक इंतजार करेंगे तो बिजाई में देरी हो जाएगी।
ध्यान रहे कि ऊना में आलू की दो माह वाली फसल काफी लोकप्रिय है। इस फसल को दो माह में तैयार कर किसान मंडियों में पहुंचाते हैं। आलू की नई फसल की सबसे पहली खेप ऊना से ही पंजाब की मंडियों में जाती है। इसकी हाथोंहाथ खरीद भी होती है लेकिन बाद में दाम गिरने भी लगते हैं। शुरुआत में अच्छे दाम मिलने से किसानों को काफी मुनाफा होता है।
आलू की फसल के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल है। ऐसे मौसम में आलू तेजी से वृद्धि करता है। बीते साल इन्हीं दिनों में तेज बारिश से नुकसान हुआ था। इसलिए किसानों का डर जायज है। यह फसल करीब 25000 हेक्टेयर पर बीजी जाती है। इसमें अधिकतर इलाका स्वां नदी के इर्द-गिर्द है। -डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
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बीते वर्ष बारिश के बीच में पैदा हो गई थी सड़न
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में किसान आलू की बिजाई के लिए सारी तैयारियां पूरी कर चुके हैं। किसानों ने करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बीज की खरीद की है। कई किसानों ने मुर्गी पालन केंद्रों में तैयार होने वाली खाद का भी छिड़काव खेतों में कर दिया है। अब इंतजार तो केवल मौसम की अनुकूल स्थिति होने का है। जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ दिनों से बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। एक-दो दिन छोड़कर बारिश हो रही है। आलू की बिजाई 25 अगस्त के बाद अमूमन शुरू हो जाती है लेकिन पिछले साल बिजाई के बाद हुई तेज बारिश में कई जगह बीज खेतों से बह गया था। वहीं कई खेतों में जलभराव होने से सड़न पैदा हो गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। किसानों प्रेम प्रसाद, रविंद्र कुमार, देसराज, मदन लाल आदि ने कहा कि बीते कई दिन से सुबह-शाम बादल छाए रहते हैं। आलू की बिजाई के लिए आवश्यक सामग्री जुटा ली है। मौसम पर नजर है। अगर 30 अगस्त तक मौसम सामान्य रहता है तो बिजाई शुरू कर देंगे। क्योंकि इससे अधिक इंतजार करेंगे तो बिजाई में देरी हो जाएगी।
ध्यान रहे कि ऊना में आलू की दो माह वाली फसल काफी लोकप्रिय है। इस फसल को दो माह में तैयार कर किसान मंडियों में पहुंचाते हैं। आलू की नई फसल की सबसे पहली खेप ऊना से ही पंजाब की मंडियों में जाती है। इसकी हाथोंहाथ खरीद भी होती है लेकिन बाद में दाम गिरने भी लगते हैं। शुरुआत में अच्छे दाम मिलने से किसानों को काफी मुनाफा होता है।
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आलू की फसल के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल है। ऐसे मौसम में आलू तेजी से वृद्धि करता है। बीते साल इन्हीं दिनों में तेज बारिश से नुकसान हुआ था। इसलिए किसानों का डर जायज है। यह फसल करीब 25000 हेक्टेयर पर बीजी जाती है। इसमें अधिकतर इलाका स्वां नदी के इर्द-गिर्द है। -डॉ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।
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